बरेली में ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि की आमद, मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी से अहम मुलाकात—मुस्लिम मुद्दों पर हुई गहन चर्चा
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बरेली में ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि की आमद, मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी से अहम मुलाकात—मुस्लिम मुद्दों पर हुई गहन चर्चा
रिपोर्ट/आसिफ अली
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काला इमामबाड़े की सालाना मजलिस में शिरकत, भारत-ईरान रिश्तों और वैश्विक हालात पर खुलकर हुई बातचीत
बरेली शहर में उस समय हलचल तेज हो गई जब ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही विशेष कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। जानकारी के अनुसार, वह दिल्ली से बरेली पहुंचे और काला इमामबाड़े में आयोजित सालाना मजलिस में भाग लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम धार्मिक व सामाजिक दृष्टि से खास रहा।
मजलिस के बाद एक महत्वपूर्ण मुलाकात का दौर भी देखने को मिला। मौलाना समर हैदर आबिदी के निवास पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी और डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही के बीच विस्तृत बातचीत हुई। इस मुलाकात में मुस्लिम समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने बातचीत के दौरान कहा कि भारत की जनता हमेशा शांति और इंसानियत के साथ खड़ी रही है और ईरान के साथ उसके ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उन्होंने हालिया घटनाओं में मारे गए लोगों पर दुख जताते हुए कहा कि भारत की आवाम इस तरह की घटनाओं से आहत है।
वहीं, डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत और ईरान के रिश्तों को पुराना और मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती को और सुदृढ़ करने की जरूरत है। उन्होंने भारतीय जनता के समर्थन और भावनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
बातचीत के दौरान वैश्विक हालात पर भी चर्चा हुई। डॉ. इलाही ने कहा कि दुनिया भर में जिहाद के नाम पर सक्रिय कई संगठनों के पीछे अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों की साजिश हो सकती है और ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है।
यह मुलाकात न केवल धार्मिक बल्कि अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बरेली में इस तरह की उच्चस्तरीय मुलाकात ने शहर को राष्ट्रीय और वैश्विक चर्चाओं के केंद्र में ला दिया है।