सिस्टम कि लापरवाही ने छीन ली 5 जिंदगियां.. ज़िम्मेदार कौन
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सिस्टम कि लापरवाही ने छीन ली 5 जिंदगियां.. ज़िम्मेदार कौन
रिपोर्ट/आसिफ अली
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हाईवे पर खड़े टैंकर से टकराई बुलेरो,5 की दर्दनाक मौत, जिम्मेदार कौन?
बोतो अपनी मज़िल के लिए निकले थे, उन्हें क्या पता था सिस्टम कि लापरवाही से यह हमारा आखरी सफर है..
बरेली (NHAI) की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए, सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधोली गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर दिया है, जिसमें कुल 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े टैंकर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। वाहन में सवार लोग बुरी तरह फंस गए और मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई।
हादसा यहीं नहीं रुका। इसी दौरान पीछे से आ रही एक मोटरसाइकिल भी इस दुर्घटना की चपेट में आ गई, जिसमें सवार दो लोगों की भी जान चली गई। देखते ही देखते यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल गया।
हादसे के पीछे लापरवाही?
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर टैंकर लंबे समय से खड़ा था और वहां किसी तरह का चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर या सुरक्षा इंतजाम नहीं था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर हाईवे पर खड़े इस टैंकर की जिम्मेदारी किसकी थी?
क्या यह चूक केवल वाहन चालक की थी, या फिर हाईवे की निगरानी करने वाली एजेंसियों की भी इसमें बराबर की जिम्मेदारी है?
NHAI और प्रशासन पर उठे सवाल
हाईवे की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी National Highways Authority of India (NHAI) की होती है।
ऐसे में क्या नियमित पेट्रोलिंग हो रही थी?
सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं कराया गया?
इन सवालों के जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हैं।
क्या होगी कार्रवाई?
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता में आक्रोश
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते हाईवे पर खड़े टैंकर को हटाया गया होता या उचित संकेत लगाए गए होते, तो शायद ये जानें बच सकती थीं।
बड़ा सवाल
हर हादसे के बाद जांच और मुआवजे की बात होती है, लेकिन क्या सिस्टम कभी अपनी जिम्मेदारी तय करेगा?
क्या इस बार भी मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा, या फिर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
फिलहाल, यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।