ट्रैफ़िक पुलिस की पहल अब सीसीटीवी निगरानी से‘आदर्श रूट’, रूट मार्शल की तैनाती से जाम पर लगेगा ब्रेक

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ट्रैफ़िक पुलिस की पहल अब सीसीटीवी निगरानी से‘आदर्श रूट’, रूट मार्शल की तैनाती से जाम पर लगेगा ब्रेक

रिपोर्ट/आसिफ अली

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सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल पेट्रोलिंग और सेक्टर-जोन प्रभारी की जिम्मेदारी तय; ऑटो-ई-रिक्शा की मनमानी पर सख्ती

बरेली। शहर में बढ़ती जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के छह व्यस्त मार्गों पर ‘आदर्श ट्रैफिक व्यवस्था’ लागू की जाएगी।

इसके तहत हर रूट पर रूट मार्शल, ट्रैफिक पुलिस और निगरानी तंत्र सक्रिय रहेगा, जिससे यातायात सुचारु रखने का दावा किया जा रहा है।

ट्रैफिक विभाग की नई कार्ययोजना के अनुसार, चिन्हित किए गए इन मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जाम की मुख्य वजह बन रहे ऑटो और ई-रिक्शा की अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए सख्ती बढ़ाई जाएगी। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

योजना के तहत प्रत्येक रूट पर रूट मार्शल के साथ-साथ सेक्टर प्रभारी और जोन प्रभारी की भी तैनाती की जाएगी। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इसके अलावा मोबाइल पेट्रोलिंग टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

इन 6 रूटों पर लागू होगी नई व्यवस्था:
शहर के नावल्टी चौराहे से चौपुला, सेटेलाइट बस अड्डा से सुरेश शर्मा नगर, सीबीगंज से सिटी स्टेशन, कोहाड़ापीर से फिनिक्स मॉल, कोहाड़ापीर से देवरनिया रोड और सिकलापुर से राम-शबरी द्वार तक के प्रमुख मार्गों को इस योजना में शामिल किया गया है। इन सभी रूटों पर अलग-अलग रूट मार्शल तैनात किए जाएंगे, जो यातायात संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों को जाम मुक्त बनाना और यातायात को व्यवस्थित करना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आम लोगों को सफर में राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या बदलेगा शहर में?
नई व्यवस्था के लागू होते ही ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अवैध पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और सवारी बैठाने के लिए सड़क पर रुकने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।

ट्रैफिक विभाग का दावा है कि यह मॉडल सफल होने पर इसे शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।