उत्तर प्रदेश में पशुपालन सेक्टर को नई रफ्तार: मोबाइल वेटरिनरी सेवा, डेयरी योजनाओं और PPP मॉडल से किसानों की आय में बड़ा उछाल
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उत्तर प्रदेश में पशुपालन सेक्टर को नई रफ्तार: मोबाइल वेटरिनरी सेवा, डेयरी योजनाओं और PPP मॉडल से किसानों की आय में बड़ा उछाल
रिपोर्ट/आसिफ अली
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मंत्री धर्मपाल सिंह बोले‘पशुपालन बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़’, यूपी देश में पशुधन और दुग्ध उत्पादन में लगातार आगे
लखनऊ/बरेली। उत्तर प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश सरकार की योजनाओं, आधुनिक तकनीक और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए पशुपालकों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन पर जोर दिया जा रहा है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की नीतियों से पशुपालन अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन चुका है।
पशुधन में नंबर-1, उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक पशुधन वाला राज्य है। वर्ष 2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार प्रदेश में 1520 लाख गोवंश 330.17 लाख भैंस 144.80 लाख बकरी 9.85 लाख भेड़ 4.09 लाख सूकर वहीं, 2023-24 में उत्पादन के आंकड़े भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे—38.79 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन
589.48 करोड़ अंडे 1259 हजार टन मांस 8.29 लाख किलोग्राम ऊन ये आंकड़े बताते हैं कि पशुपालन किसानों की आय का प्रमुख स्रोत बनता जा रहा है।
मोबाइल वेटरिनरी यूनिट: घर बैठे इलाज
प्रदेश सरकार की मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (MVU) योजना पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है।
टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर घर पर ही इलाज
प्रदेश में 520 यूनिट संचालित 2024-25 में 32.34 लाख पशुओं का इलाज
2025-26 में अब तक 11.16 लाख पशुओं को लाभ
इस योजना से करीब 1600 लोगों को रोजगार भी मिला है।
टीकाकरण और नस्ल सुधार में तेजी
पशुओं की सेहत और उत्पादकता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है 2024-25 में 1648.89 लाख टीकाकरण
2025-26 में अब तक 817.96 लाख
2 वर्षों में ‘मिशन मिलियन’ के तहत 9.69 लाख कृत्रिम गर्भाधान गोवंश संरक्षण और आर्थिक मदद
768 गो-आश्रय स्थलों में 12.36 लाख गोवंश संरक्षित 157 बड़े संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन
DBT के जरिए 2040 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन सहायता
PPP मॉडल से आधुनिक पशु चिकित्सा
राज्य में डायग्नोस्टिक लैब, पॉलीक्लिनिक और मंडलीय प्रयोगशालाओं को PPP मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिससे पशुपालकों को हाईटेक इलाज सुविधाएं मिलेंगी।
🥛 डेयरी योजनाओं से किसानों को सीधा फायदा
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: 25 पशुओं की डेयरी, 50% अनुदान मिनी नंदिनी योजना: 10 पशु, 51% अनुदान
मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना: 40% अनुदान (महिलाओं को 50% आरक्षण)
पशुपालक प्रोत्साहन: ₹10,000–₹15,000 तक सहायता पोल्ट्री, बकरी और भेड़ पालन में उछाल
739 बकरी पालन इकाइयां
225 भेड़ पालन इकाइयां
16,666 बैकयार्ड पोल्ट्री यूनिट
बुंदेलखंड में 22,801 महिला ब्रायलर यूनिट प्रस्तावित रोजगार और बीमा योजनाएं
2024-25 में 1.62 लाख पशुओं का बीमा
2025-26 में अब तक 46,872 बीमित
कुक्कुट नीति-2022 से ₹433 करोड़ निवेश संभावित
20,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर
🌾 चारा विकास और नई पहल
11,952 हेक्टेयर गोचर भूमि कब्जामुक्त
6480 हेक्टेयर में चारा रोपण
1372 क्विंटल चारा बीज वितरण
1.65 लाख पशुपालकों को प्रशिक्षण
गरीब और एससी वर्ग पर विशेष फोकस
37 जिलों में 218 सूकर पालन इकाइयां (90%अनुदान)
75 जिलों में 750 बकरी पालन इकाइयां प्रस्तावित
मंत्री का बयान पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं पशुपालकों की आय दोगुनी करने, रोजगार बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। आने वाले समय में पशुपालन सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा इंजन बनेगा।