सांसद के सवाल के बाद बढ़ी इंटर्नशिप राशि 5000 से 9000 हुई सहायता, फिर भी इंटर्नशिप योजना पर सवाल बरकरार
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सांसद के सवाल के बाद बढ़ी इंटर्नशिप राशि
5000 से 9000 हुई सहायता, फिर भी इंटर्नशिप योजना पर सवाल बरकरार
रिपोर्ट/आसिफ अली
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दिल्ली /प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में युवाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता न केवल अपर्याप्त थी, बल्कि सांसद के सवाल के बाद ही उसमें संशोधन कर राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सांसद नीरज मौर्य ने सदन में यह मुद्दा उठाया था कि लगभग 5000 रुपये प्रतिमाह की सहायता के साथ महानगरों में इंटर्नशिप करना युवाओं के लिए व्यावहारिक नहीं है और इससे ग्रामीण व छोटे शहरों के युवाओं के अवसर सीमित हो जाते हैं।
कॉरपोरेट राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा नें बताया कि अब मार्च 2026 से इंटर्नशिप के लिए कुल मासिक सहायता 9000 रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 8100 रुपये सरकार और 900 रुपये कंपनियों द्वारा दिए जाएंगे । सांसद द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद सरकार को अपनी नीति में बदलाव करना पड़ा। हालांकि यह भी सामने आया कि छह लाख इक्कीस हजार आवेदन के मुकाबले मात्र लगभग 8700 (डेढ़ प्रतिशत से भी कम) युवाओं ने इंटर्नशिप जॉइन की, जबकि दूसरे चरण में भी स्थिति लगभग समान रही।
अखबार से बात करते हुये सांसद नीरज मौर्य नें कहा कि 10,831 करोड़ रुपये के बड़े बजट के बावजूद योजना का क्रियान्वयन अपेक्षित स्तर पर नहीं है। मंत्री के उत्तर से यह सामने आया कि 2025-26 में केवल 87.46 करोड़ रुपये ही वास्तविक रूप से खर्च हो पाए, जो कुल बजट का एक प्रतिशत भी नहीं है। जब तक योजना को व्यवहारिक रुप नहीं दिया जाता, स्थानीय स्तर पर रोजगार से नहीं जोड़ा जाता और युवाओं के लिए इसे व्यावहारिक नहीं बनाया जाएगा, तब तक इसका वास्तविक लाभ सीमित ही रहेगा।