शाहजहांपुर हादसे के बाद फैली अफवाहों पर विराम: फरमान रजा देर रात परिवार के साथ सुरक्षित घर लौटे

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शाहजहांपुर हादसे के बाद फैली अफवाहों पर विराम: फरमान रजा देर रात परिवार के साथ सुरक्षित घर लौटे

रिपोर्ट/आसिफ अली

सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश की गई खबरों की सच्चाई आई सामने

आपको बता दे देर रात की अहम जानकारी:
घर पहुंचने के बाद मौलाना तौकीर रजा के बेटे फरमान रजा ने अपने परिवार के सदस्यों और दरगाह से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ दरगाह आला हजरत के दरबार में हाजिरी लगाई।

देर रात अदा की गई इस हाजिरी के दौरान किसी भी प्रकार का बयान या प्रतिक्रिया नहीं दी गई, लेकिन उनकी मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं

और उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही गिरफ्तारी व अन्य दावों वाली खबरें निराधार और भ्रामक हैं।

शाहजहांपुर / बरेली।बरेली हिंसा मामले के आरोपी मौलाना तौकीर रजा के बेटे फरमान रजा को लेकर मंगलवार देर रात सोशल मीडिया और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भ्रामक व एकतरफा खबरें प्रसारित की गईं, जिनमें उन्हें ड्रग्स मामले में गिरफ्तार दिखाया गया।

हालांकि, हकीकत इससे अलग है।
प्राप्त विश्वसनीय जानकारी के अनुसार, फरमान रजा से शाहजहांपुर में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस द्वारा सामान्य पूछताछ की गई, लेकिन उन्हें किसी गंभीर आपराधिक मामले में न तो गिरफ्तार किया गया और न ही जेल भेजा गया।

पूछताछ और औपचारिक प्रक्रिया के बाद फरमान रजा देर रात अपने परिजनों के साथ सुरक्षित घर लौट आए।

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम मंगलवार शाम लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र में फरमान रजा की कार आगे चल रही रोडवेज बस से टकरा गई।

टक्कर के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और सामान्य प्रक्रिया के तहत पूछताछ की गई।

इस दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइट्स ने बढ़ा-चढ़ाकर और तथ्यहीन ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे मामला अनावश्यक रूप से तूल पकड़ गया।

परिवार और करीबी सूत्रों का पक्ष
परिवार से जुड़े करीबी सूत्रों का कहना है कि
“फरमान रजा को न तो जेल भेजा गया और न ही किसी गंभीर धाराओं में निरुद्ध किया गया।

देर रात वह अपने खानदान के लोगों के साथ घर पहुंच गए। सोशल मीडिया पर जो कुछ दिखाया जा रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है।”

सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रग्स जैसे गंभीर आरोपों को लेकर अभी कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है और जांच प्रक्रिया प्रारंभिक स्तर पर थी।

सोशल मीडिया ट्रायल पर उठे सवाल
कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।

बिना आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति को अपराधी की तरह पेश करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि कानूनन भी आपत्तिजनक हो सकता है।

पुलिस जांच जारी, निष्कर्ष के बाद ही स्थिति स्पष्ट पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटना और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अभी तक किसी अंतिम कार्रवाई या आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।

यह मामला एक सड़क हादसे और उसके बाद फैली अफवाहों का है, जिसे कुछ माध्यमों ने गलत ढंग से पेश किया।

फरमान रजा फिलहाल अपने परिवार के साथ हैं और उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कई खबरें भ्रामक हैं।

नोट: यह समाचार विभिन्न विश्वसनीय सूत्रों व उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति में परिवर्तन संभव है।