बरेली में कूड़े से पटी नहर बनी मौत का जाल: युवक की डूबकर मौत, 2 दिन बाद मिला शव; DM ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश*
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बरेली में कूड़े से पटी नहर बनी मौत का जाल: युवक की डूबकर मौत, 2 दिन बाद मिला शव; DM ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश*
रिपोर्ट/आसिफ अली
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*सीबीगंज के नंदोसी गांव में सिंचाई विभाग की लापरवाही उजागर, न बैरिकेडिंग न चेतावनी बोर्ड; नगर निगम-सिंचाई विभाग में ठनी*
*बरेली, सीबीगंज में सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली। नंदोसी गांव की कूड़े से पटी नहर में गिरकर पचा गौटिया निवासी मेघनाथ उर्फ राजू, 30 वर्ष की मौत हो गई। हैरानी की बात ये है कि शव दो दिन तक नहर में पड़ा रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। बुधवार को ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने शव निकाला और पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। शाम को गांव की श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
*सोमवार को निकला था मजदूरी पर, नशे का था आदी*
इंस्पेक्टर सीबीगंज प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि राजू परसाखेड़ा में मजदूरी करता था। सोमवार को घर से निकला लेकिन लौटा नहीं। परिजनों ने तलाश के बाद परसाखेड़ा चौकी में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। बुधवार सुबह नंदोसी पुलिया के पास नहर में शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकाला। परिजनों ने शिनाख्त की। फील्ड यूनिट ने मौके से फिंगरप्रिंट लिए। पुलिस के मुताबिक राजू नशे का आदी था।
*नहर बनी नाला, सुरक्षा के नाम पर जीरो इंतजाम*
नंदोसी गांव से गुजरने वाली इस नहर पर लोगों ने कब्जा कर इसे नाला बना दिया है। घनी आबादी के बीच से निकलने के बावजूद सिंचाई विभाग ने न तो बैरिकेडिंग की और न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया। अक्तूबर 2025 में सफाई हुई थी, लेकिन घरों का गंदा पानी और कचरा फिर से नहर में भर गया है।
*सिंचाई विभाग ने झाड़ा पल्ला, DM ने बैठाई जांच*
हादसे के बाद नगर निगम और सिंचाई विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने लगे। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने इसे सिंचाई विभाग की नहर बताया। वहीं सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अजीत कुमार ने जमीन ही विभाग की होने से इनकार कर दिया।
मामला DM अविनाश सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने तुरंत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए। DM ने कहा कि जांच में हकीकत सामने आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्रीय पार्षद अंजुल ने साफ कहा कि जमीन सिंचाई विभाग की है। सालों पहले नहर खोदी गई थी लेकिन पानी कभी नहीं छोड़ा गया।
12 मार्च को सेटेलाइट पर नाले में गिरकर हरदोई के तौहीद की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि ये दूसरा हादसा हो गया। लगातार हो रही मौतों से विभागों की लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।