बरेली कैफे हिंसा केस: सोशल मीडिया का सहारा लेकर फरार ऋषभ ठाकुर बना पुलिस के लिए चुनौती, हिंदू संगठनों ने किया किनारा
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बरेली कैफे हिंसा केस: सोशल मीडिया का सहारा लेकर फरार ऋषभ ठाकुर बना पुलिस के लिए चुनौती, हिंदू संगठनों ने किया किनारा
बरेली। राजेंद्र नगर स्थित डेन कैफे में छात्रा की बर्थडे पार्टी के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर की गिरफ्तारी को लेकर बरेली पुलिस अब तक नाकाम साबित होती नजर आ रही है।
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घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद ऋषभ ठाकुर पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिससे कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन पूरे कांड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा ऋषभ ठाकुर अब भी फरार है।
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर उसकी तलाश के लिए एसओजी की दो टीमें लगाई गई हैं। प्रेमनगर और सुभाषनगर थाना पुलिस भी लगातार दबिश दे रही है, लेकिन हर बार आरोपी पुलिस को चकमा देकर निकल जा रहा है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि ऋषभ ठाकुर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है और शहर से बाहर भी छिपने की आशंका है।
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि ऋषभ ठाकुर कोई नया नाम नहीं है। उसके खिलाफ चोरी, मारपीट और जानलेवा हमले जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
अगस्त महीने में प्रशासन उसे जिला बदर भी घोषित कर चुका है, इसके बावजूद वह खुलेआम शहर में सक्रिय रहा।
स्थानीय लोग उसे “गिलास चोर” के नाम से जानते हैं, जो उसकी आपराधिक छवि को पहले से उजागर करता है।
कैफे में हुई हिंसा के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज से जब उसकी भूमिका स्पष्ट हुई, तो वह भूमिगत हो गया।
इसी बीच ऋषभ ठाकुर ने सोशल मीडिया को अपना हथियार बना लिया। भगवा गमछा पहनकर उसने एक वीडियो वायरल किया, जिसमें खुद को निर्दोष बताते हुए धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश की गई।
पुलिस इस वीडियो को भी जांच के दायरे में लेकर यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इसके जरिए माहौल खराब करने की साजिश तो नहीं रची गई।
इस पूरे मामले में अब एक नया मोड़ भी सामने आया है। जिन हिंदू संगठनों से खुद को जोड़कर ऋषभ ठाकुर पहचान बनाता रहा, उन्होंने उससे सार्वजनिक रूप से किनारा कर लिया है।
कई संगठनों ने साफ कहा है कि आरोपी से उनका कोई लेना-देना नहीं है और कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर इस प्रकरण को लेकर तीखी बहस जारी है। एक तरफ लोग पुलिस से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आरोपी के समर्थन में पोस्ट करने वालों पर भी पुलिस नजर रखे हुए है।
सुभाषनगर थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपी का परिवार मढ़ीनाथ क्षेत्र में किराये के मकान में रहता है, जिससे नोटिस चस्पा करने और कानूनी प्रक्रिया में परेशानी आ रही है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों और हिंसा फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और दावा किया जा रहा है कि ऋषभ ठाकुर की गिरफ्तारी जल्द होगी।
फिलहाल फरार आरोपी सोशल मीडिया और छिपने की रणनीति के सहारे पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
रिपोर्ट /आसिफ अली