NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का हल्लाबोल: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, राहुल गांधी ने शुरू किया ‘छात्रों की गूंज’ अभियान

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NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का हल्लाबोल: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, राहुल गांधी ने शुरू किया ‘छात्रों की गूंज’ अभियान

*रिपोर्ट/आसिफ अली *

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“2018 से 2026 तक 5 बार NEET लीक”: कांग्रेस बोली- 12 छात्रों की मौत सरकार-उत्प्रेरित हत्या, राहुल गांधी कोटा से करेंगे महारैली, शिक्षा बजट के बराबर खर्च कर रहे छात्र

बरेली: NEET परीक्षा में लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सोमवार को बरेली में रामपुर गार्डन स्थित कांग्रेस कार्यालय में मंडलीय प्रेस वार्ता कर महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. के. बी. त्रिपाठी ने मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने कहा कि 2018, 2021, 2022, 2024 और 2026 में NEET के पेपर लीक हुए हैं। इससे पहले 2015 में AIPMT का भी पेपर लीक हो चुका है।

3 मई 2026 की NEET परीक्षा रद्द करनी पड़ी
कांग्रेस ने बताया कि 03 मई 2026 को आयोजित NEET परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए थे। बड़े पैमाने पर प्रश्न लीक की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दबाव में केंद्र सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लेना पड़ा।

12 छात्रों की मौत को बताया ‘सरकार उत्प्रेरित हत्या’
पार्टी ने कहा कि NEET पेपर लीक से पैदा हुए मानसिक तनाव के कारण देश के विभिन्न राज्यों से अब तक 12 छात्र जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सरकार उत्प्रेरित हत्या मानती है। इनमें राजस्थान के प्रदीप मेघवाल, दिल्ली की अंशिका पाण्डेय, यूपी के रितिक मिश्रा व शिवानी यादव, गोवा के सिद्धार्थ हेगडे, कर्नाटक की भाग्यश्री, एमपी की आकांक्षा चतुर्वेदी, राजस्थान के उमेश माली और रेणु मीणा, उत्तराखण्ड की रिया कुमारी थापा, तमिलनाडु की अनुकीर्तना और गुजरात के कहान पटेल शामिल हैं।

25 हजार से 40 लाख तक में बिके पेपर
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि परीक्षा के प्रश्नपत्र छपने के बाद बिचौलियों के जरिए परीक्षा से पहले बड़ी संख्या में प्रश्नपत्र बेंचे जाते हैं। जांच में कुछ छात्रों ने बताया है कि उन्होंने लीक पेपर के लिए 25 हजार से 40 लाख रुपये तक चुकाए।

12 साल में 23 राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक*
पार्टी का दावा है कि पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं यानी लगभग हर वर्ष दो पेपर लीक हुए हैं। अब तक देश भर में लगभग 90 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं लेकिन दोषियों को सजा मिलने के मामले न के बराबर हैं।

राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
बार-बार पेपर लीक और छात्रों की पीड़ा से आहत राहुल गांधी ने छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करके शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शुरू किया है। इसकी शुरुआत कोटा महारैली से होगी। इसके बाद प्रयागराज, पटना और दिल्ली में राहुल गांधी छात्रों से संवाद करेंगे।

NEET तैयारी का खर्च शिक्षा बजट के बराबर: राहुल
कोटा में छात्र संवाद में राहुल गांधी ने कहा कि एजुकेशन सिस्टम हिंदुस्तान के सबसे गरीब और मिडिल क्लास लोगों से NEET परीक्षा के लिए हिंदुस्तान के शिक्षा बजट के बराबर पैसा खर्च करवाता है। 22 लाख छात्रों की NEET परीक्षा की तैयारी का औसत खर्च एक लाख बत्तीस हजार करोड़ रुपये आता है जो हिंदुस्तान के मौजूदा शिक्षा बजट एक लाख चालीस हजार करोड़ के करीब है।

*5 परीक्षाओं पर खर्च शिक्षा बजट का तीन गुना*
कांग्रेस के मुताबिक देश की पांच प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं NEET, SSC, UPSC, RRB, JEE के लिए उतना पैसा खर्च होता है जो भारत सरकार के शिक्षा बजट का तीन गुना है। SSC पर 0.2 लाख करोड़, UPSC पर 0.25 लाख करोड़, RRB पर 0.36 लाख करोड़, JEE पर 1.3 लाख करोड़ और NEET पर 1.32 लाख करोड़ खर्च होते हैं।

*NTA पर उठाए सवाल*
राहुल गांधी ने कहा कि यह एक रिजेक्शन सिस्टम है। NTA के अंतर्गत सभी बड़ी परीक्षाएं ला दी गई हैं। NTA सरकार को जवाबदेह है न कि छात्रों को। यदि किसी एक परीक्षा में गड़बड़ी होती है तो उसका असर एक साथ लाखों छात्रों पर पड़ता है। 2024 में भी बड़े पैमाने पर NEET प्रश्नपत्र लीक हुए थे। तत्कालीन NTA के महानिदेशक को पद से हटाना पड़ा था लेकिन बाद में उन्हें बड़े पद से नवाजा गया।

*शिक्षा बजट आधा, 1 लाख सरकारी स्कूल बंद*
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा व्यवस्था के बजट को आधा कर दिया है। एक दशक पहले जो 4.7 प्रतिशत था आज वह 2.4 प्रतिशत रह गया है। वर्ष 2005 में लगभग 71 प्रतिशत बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते थे जबकि आज यह आंकड़ा सिर्फ 49 प्रतिशत है। इस दौरान लगभग 1 लाख सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए और 50 हजार निजी स्कूल खुल गए। आज हर 100 कॉलेजों में से लगभग 80 निजी क्षेत्र के हैं।

*29.1% स्नातक युवा बेरोजगार*
कांग्रेस ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था असफलता के चरम पर है। यह प्रत्येक एक हजार छात्रों में से महज 12 छात्रों को सैलरी वाले जॉब उपलब्ध कराता है। 29.1 प्रतिशत स्नातक युवा बेरोजगार हैं और छात्रों की आत्महत्या की दर पिछले एक दशक में 65 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

यह बयान महानगर अध्यक्ष महानगर कांग्रेस कमेटी बरेली दिनेश दद्दा एडवोकेट और प्रदेश प्रवक्ता उ. प्र. कांग्रेस कमेटी डॉ. के. बी. त्रिपाठी की ओर से 23 जून 2026 को जारी किया गया।