8 लाख की साइबर ठगी में बड़ी सफलता: बरेली पुलिस ने पीड़ित को लौटाए ₹5.50 लाख, बाकी रकम वापस कराने के प्रयास जारी

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8 लाख की साइबर ठगी में बड़ी सफलता: बरेली पुलिस ने पीड़ित को लौटाए ₹5.50 लाख, बाकी रकम वापस कराने के प्रयास जारी

रिपोर्ट/आसिफ अली

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बरेली। बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़ित को राहत दिलाई है। पुलिस ने करीब ₹8 लाख की साइबर ठगी के मामले में ₹5.50 लाख की राशि वापस (रिवर्स) कराकर पीड़ित के खाते में पहुंचा दी है। शेष रकम की बरामदगी के लिए भी जांच और कार्रवाई जारी है।

बैंक अधिकारी बनकर ठगों ने लगाया चूना
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइंस क्षेत्र निवासी नरेश चंद्र सूद ने 18 जून 2026 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर खुद को बैंक अधिकारी बताया। बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी प्रक्रिया का हवाला देते हुए आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, ओटीपी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली।

कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से करीब ₹8 लाख की रकम अलग-अलग माध्यमों से निकाल ली गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

साइबर टीम ने मनी ट्रेल ट्रेस कर वापस कराई रकम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच तेज की। पुलिस ने गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल, संबंधित बैंकों और अन्य एजेंसियों के सहयोग से लेन-देन की पूरी मनी ट्रेल का विश्लेषण किया।

लगातार तकनीकी जांच और समन्वय के बाद पुलिस ने ठगी गई राशि में से ₹5 लाख 50 हजार रुपये सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दिए। पुलिस का कहना है कि शेष रकम एटीएम के माध्यम से निकाली गई थी, जिसे वापस दिलाने के लिए भी प्रयास लगातार जारी हैं।

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह
साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ कभी भी ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, एटीएम विवरण, पासवर्ड, आधार, पैन या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक या सरकारी संस्थाएं फोन, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी जानकारी नहीं मांगतीं।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत पुलिस ने लोगों से कहा है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत मिलने पर ठगी की गई रकम को संबंधित खातों में होल्ड कराकर वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव साइबर अपराध लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और समय पर शिकायत ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। बरेली साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें और किसी भी तरह की गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें।