लखनऊ अग्निकांड के बाद बरेली में बड़ा एक्शन: रजनी होटल- सेटेलाइट होटल सील, आकाश-विद्यापीठ कोचिंग की जांच, BDA VC सौम्या पांडेय ने मॉल प्रबंधन को लगाई फटकार

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लखनऊ अग्निकांड के बाद बरेली में बड़ा एक्शन: रजनी होटल- सेटेलाइट होटल सील, आकाश-विद्यापीठ कोचिंग की जांच, BDA VC सौम्या पांडेय ने मॉल प्रबंधन को लगाई फटकार

*रिपोर्ट/आसिफ अली

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CM योगी के आदेश पर अलर्ट मोड”: रघुवंशी कॉम्प्लेक्स से शुरू हुआ अभियान, सिटी सेंटर मॉल की लिफ्ट में 13 लोग फंसे थे, फायर-इलेक्ट्रिकल सेफ्टी में मिलीं गंभीर खामियां

बरेली:लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बरेली प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार को बीडीए वीसी सौम्या पांडेय ने फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ शहर भर में चल रहे कोचिंग सेंटरों, होटल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला इमारतों में ताबड़तोड़ जांच की। कार्रवाई में सेटेलाइट रोड स्थित रजनी होटल और सेटेलाइट होटल को सील कर दिया गया।

*रघुवंशी कॉम्प्लेक्स से शुरू हुआ चेकिंग अभियान*
निरीक्षण अभियान की शुरुआत रघुवंशी कॉम्प्लेक्स स्थित विद्यापीठ कोचिंग सेंटर से हुई। यहां भवन की सुरक्षा व्यवस्था, फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। इसके बाद टीम चौकी चौराहा स्थित रतनदीप कॉम्प्लेक्स में संचालित आकाश कोचिंग सेंटर पहुंची और वहां भी सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया।

सिटी सेंटर एलए मॉल भी रडार पर: लिफ्ट में फंसे थे 13 लोग कोचिंग सेंटरों के बाद संयुक्त टीम सिटी सेंटर एलए मॉल पहुंची। रविवार को इसी मॉल की लिफ्ट में 13 लोग फंस गए थे और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालिया घटना को देखते हुए मॉल की लिफ्ट व्यवस्था, आपातकालीन सुरक्षा सिस्टम और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया गया।

“ऑपरेटर कहां था?” मॉल प्रबंधन को फटकार
निरीक्षण के दौरान बीडीए वीसी सौम्या पांडेय ने मॉल प्रबंधन से लिफ्ट हादसे को लेकर जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि लिफ्ट संचालन के दौरान वहां ऑपरेटर क्यों मौजूद नहीं था। इस लापरवाही पर उन्होंने मॉल अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी दी।

कमर्शियल बिल्डिंग्स की भी जांच
बीडीए वीसी ने साफ किया कि अभियान सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक सीमित नहीं है। शहर की सभी प्रमुख कमर्शियल बिल्डिंग्स, मॉल, कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का निरीक्षण किया जा रहा है। मकसद है कि किसी भी भवन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी न हो और संभावित हादसे को समय रहते रोका जा सके।

फायर सेफ्टी में गंभीर खामियां उजागर
निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के मानकों में गंभीर खामियां मिलीं। कई स्थानों पर पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर नहीं मिले, जबकि कुछ इमारतों में स्प्रिंकलर सिस्टम तक स्थापित नहीं था। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक माना।

बच्चों की निकासी के रास्ते नहीं
कई कोचिंग सेंटरों में इमरजेंसी स्थिति के दौरान छात्रों की निकासी के लिए पर्याप्त और सुरक्षित रास्ते नहीं मिले। अधिकारियों का कहना है कि हादसे की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की होती है। ऐसे में निकासी मार्गों का मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।

फायर NOC पर सख्ती, सुधार के निर्देश
बीडीए वीसी ने संबंधित संस्थानों के संचालकों को सभी कमियां जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं। जिन संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं है या जिनकी एनओसी की वैधता खत्म हो चुकी है, उन्हें तत्काल प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई”
सौम्या पांडेय ने कहा कि सभी कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों को तय समय सीमा में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। लापरवाही मिली तो नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।