बरेली में बेसमेंट खुदाई से झुकी 3 मंजिला इमारत, बड़ा हादसा टला: बीडीए पर उठे सवाल

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बरेली में बेसमेंट खुदाई से झुकी 3 मंजिला इमारत, बड़ा हादसा टला: बीडीए पर उठे सवाल

रिपोर्ट/आसिफ अली

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*सिविल लाइंस में निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास मकान की नींव कमजोर, नियम ताक पर: स्थानीय लोगों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की*

*बरेली,देर रात मे शहर में निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण फिर सवालों के घेरे में आ गया है। सिविल लाइंस चौपला से पटेल चौक जाने वाले मार्ग पर रामकुमार सर्राफ वाली गली के मोड़ पर निर्माणाधीन भवन की बेसमेंट खुदाई के दौरान पास में बनी तीन मंजिला इमारत एक ओर झुक गई। समय रहते प्रशासन की सक्रियता से भवन को खाली कराकर बड़ा हादसा टाल दिया गया। इस घटना ने बीडीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

*क्या है पूरा मामला?*
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा है वह वेद प्रकाश अग्रवाल का बताया जा रहा है। उनका पटेल चौक पर पेट्रोल पंप भी है। बेसमेंट के लिए की जा रही गहरी खुदाई के चलते पास की इमारत की नींव कमजोर हो गई। इससे भवन एक ओर झुक गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। झुकी हुई इमारत को तत्काल खाली कराया गया। आसपास के क्षेत्र को भी एहतियातन सतर्क कर दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय पर कार्रवाई न होती तो जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था।

*नियमों की अनदेखी, कई बार दी थी शिकायत*
इमारत स्वामी जोगिंद्र पाल सिंह के पुत्र रविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार बिल्डर और संबंधित अधिकारियों को संभावित खतरे से अवगत कराया था। लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते विकास प्राधिकरण ने संज्ञान लिया होता तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।

प्राधिकरण के नियमानुसार किसी भी मौजूदा भवन के पास खुदाई करते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। सामान्य तौर पर खुदाई की गहराई के बराबर दूरी रखना जरूरी माना जाता है ताकि पड़ोसी भवन की नींव सुरक्षित रह सके। इसके अलावा गहरी खुदाई के दौरान रिटेनिंग वॉल, शोरिंग और अन्य सुरक्षा उपायों का पालन करना भी अनिवार्य होता है। सवाल उठ रहा है कि क्या निर्माण से पहले सभी तकनीकी मानकों की जांच की गई थी? क्या मौके पर नियमित निरीक्षण किया गया?

*पड़ोसियों में गुस्सा, जांच शुरू हुई *
घटना के बाद पड़ोसियों में भारी गुस्सा देखने को मिला। लोगों का कहना है कि शहर में कई स्थानों पर बिना सुरक्षा मानकों के निर्माण कार्य जारी हैं। लेकिन विकास प्राधिकरण की ओर से प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही। उन्होंने दोषी बिल्डर के साथ साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निर्माण कार्य की वैधता, स्वीकृत मानचित्र और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर निर्माण कार्य पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

यह घटना एक संभावित बड़े हादसे की चेतावनी है। साथ ही बरेली में निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था की पोल भी खोलती है। अब देखना होगा कि विकास प्राधिकरण इस मामले में क्या कदम उठाता है और जिम्मेदारों पर किस प्रकार की कार्रवाई होती है।