बरेली में फर्जी IAS बनकर नौकरी के नाम पर ठगी: 3 महिला गिरफ्तार, XUV पर लिखा था SDM FR UP सरकार*

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बरेली में फर्जी IAS बनकर नौकरी के नाम पर ठगी: 3 महिला गिरफ्तार, XUV पर लिखा था SDM FR UP सरकार*

रिपोर्ट/आसिफ अली

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*11 लाख ठगे, 55 लाख बैंक में फ्रीज; फर्जी नियुक्ति पत्र, लैपटॉप, चेकबुक बरामद- डॉ विप्रा शर्मा गैंग का पर्दाफाश*

*बरेली, थाना बारादरी पुलिस ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग की तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। गैंग की सरगना डॉ विप्रा शर्मा खुद को IAS और SDM FR उत्तर प्रदेश शासन बताकर लोगों को झांसे में लेती थी। कार पर SDM FR UP सरकार लिखवाकर रौब जमाती थी।

*11 लाख लेकर दिए फर्जी नियुक्ति पत्र*
26 अप्रैल को प्रीति लयल निवासी फाइक एन्क्लेव ने शिकायत दर्ज कराई थी। 2022 में शिखा पाठक से मुलाकात हुई थी। शिखा ने बताया कि उसकी बहन विप्रा शर्मा SDM है और पैसे लेकर सरकारी नौकरी लगवाती है। UPSSSC में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर प्रीति, आदिल खान, संतोष कुमार और मुशाहिद से करीब 11 लाख रुपये नगद और बैंक अकाउंट में ले लिए।

बाद में विप्रा शर्मा ने आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर कंप्यूटर ऑपरेटर पद के फर्जी नियुक्ति पत्र डाक, व्हाट्सएप और ईमेल से भेज दिए। जांच में सभी दस्तावेज फर्जी निकले।

*ऐसे हुआ खुलासा, ये हुआ बरामद*
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी टीम ने 27 अप्रैल को डेंटल कॉलेज रोड पर सार्वजनिक शौचालय के पास से तीनों को पकड़ा।

*गिरफ्तार आरोपी:*
1. डॉ विप्रा शर्मा पुत्री वीरेंद्र कुमार शर्मा, निवासी ग्रेटर ग्रीन पार्क, बारादरी
2. दीक्षा पाठक पुत्री उमाकांत पाठक, निवासी पवन विहार कॉलोनी, बारादरी
3. शिखा शर्मा पुत्री वीरेंद्र कुमार शर्मा, निवासी ग्रेटर ग्रीन पार्क, बारादरी

*बरामदगी:* कूटरचित दस्तावेज, 07 चेक बुक, 04 मोबाइल- एक आईफोन 16 प्रो मैक्स, दो वीवो एक्स 200 प्रो और एक्स 100 प्रो, 02 लैपटॉप, 03 पासबुक, 4.50 लाख रुपये नगद, और घटना में प्रयुक्त महिंद्रा XUV 700 रजि नंबर UP25EC3222 जिस पर SDM FR UP सरकार लिखा था।

*55 लाख फ्रीज, ठगी से खरीदी गाड़ी-मकान*
पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों बहनें मिलकर 2021-2022 से ठगी कर रही थीं। विप्रा खुद को IAS, शिखा ADM बताकर UPSSSC में नौकरी का लालच देती थी। फर्जी नियुक्ति पत्र लखनऊ से डाक द्वारा भेजते थे ताकि सरकारी लगे। ठगी के पैसों से महिंद्रा XUV 700 और पवन विहार में मकान खरीदा गया। वहीं फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे।

पुलिस ने विप्रा शर्मा और दीक्षा पाठक के अलग-अलग बैंक खातों में जमा करीब 55 लाख रुपये फ्रीज कराने के लिए बैंकों को रिपोर्ट भेज दी है। ये पैसे भी नौकरी के नाम पर ठगे गए थे।

*मु0अ0सं0 511/2026* धारा 420, 467, 468, 471 भादवि व 204, 317(2) BNS के तहत केस दर्ज कर तीनों को रिमांड के लिए न्यायालय भेजा जा रहा है। विवेचना उ0नि0 नितिन राणा कर रहे हैं।

*गिरफ्तारी टीम:* प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह, उ0नि0 नितिन राणा, उ0नि0 कुशल पाल, उ0नि0 सौरभ तोमर, हे0का0 राघवेंद्र सिंह, का0 नीरज देवी, मका0 मोनी।