बरेली ट्रेड यूनियन्स फेडरेशन ने सीएम को भेजा ज्ञापन: न्यूनतम मजदूरी 26,000 करने और 12 घंटे काम का कानून रद्द करने की मांग

0 15

- Advertisement -

बरेली ट्रेड यूनियन्स फेडरेशन ने सीएम को भेजा ज्ञापन: न्यूनतम मजदूरी 26,000 करने और 12 घंटे काम का कानून रद्द करने की मांग

रिपोर्ट/आसिफ अली

- Advertisement -

*बोले- 10 साल से वेज रिवीजन नहीं, नोएडा में 3000 की बढ़ोतरी नाकाफी, केंद्र से आधी रह गई यूपी की मजदूरी*

बरेली ट्रेड यूनियन्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी का वेज रिवीजन कर उसे 26,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई है। फेडरेशन ने 12 घंटे काम से जुड़े सभी कानून निरस्त कर 8 घंटे कार्य दिवस बहाल करने की भी मांग की है।

*नोएडा की अंतरिम वृद्धि को बताया अपर्याप्त*
फेडरेशन के अध्यक्ष मुकेश सक्सेना, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अंचल अहेरी और महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने ज्ञापन में कहा कि अखबारों से पता चला कि नोएडा में श्रमिक असंतोष के बाद सरकार ने नोएडा के श्रमिकों के वेतन में 3000 रुपये, नगर निगम वाले शहरों में 2000 रुपये और अन्य जिलों में 1000 रुपये की अंतरिम वृद्धि की है। फेडरेशन ने इसे अपर्याप्त और विधि के अनुरूप न होना बताया।

*10 साल से नहीं हुआ वेज रिवीजन, टूट रहा कानून*
ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों से न्यूनतम मजदूरी का वेज रिवीजन नहीं हुआ है। न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अनुसार हर 5 साल में वेज रिवीजन अनिवार्य है। अंतिम रिवीजन वर्ष 2014 में हुआ था। नियमानुसार 2019 में दोबारा होना चाहिए था। विधानसभा और विधान परिषद में श्रम मंत्री की घोषणा के बावजूद आज तक रिवीजन नहीं हुआ। इसके कारण प्रदेश के श्रमिकों की मजदूरी दर केंद्र सरकार की तुलना में लगभग आधी रह गई है और बाजार दर से भी बहुत कम है।

*12 घंटे काम को बताया अमानवीय*
फेडरेशन ने कहा कि लगभग 200 वर्षों के संघर्ष के बाद श्रमिकों ने 8 घंटे कार्य दिवस का अधिकार पाया था। 8 घंटे काम, 8 घंटे मनोरंजन, 8 घंटे विश्राम का सिद्धांत बना था। लेकिन नए लेबर कोड और कारखाना अधिनियम में संशोधन कर कार्य अवधि 12 घंटे कर दी गई है। यह श्रमिकों को अमानवीय हालात में धकेलता है और उनके जीवन के लिए खतरा है.

*फेडरेशन की 8 बड़ी मांगें*
1. प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी का तत्काल वेज रिवीजन कर 26,000 रुपये प्रति माह किया जाए।
2. 12 घंटे कार्य अवधि वाले सभी कानून और शासनादेश तत्काल निरस्त हों।
3. प्रदेश में 8 घंटे कार्य दिवस हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

4. अतिरिक्त कार्य पर दोगुना ओवरटाइम वेतन मिले।
5. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिक नेताओं का उत्पीड़न बंद हो और गिरफ्तार मजदूर रिहा हों।
6. मजदूर विरोधी लेबर कोड वापस लिए जाएं।
7. ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, बोनस, हाजरी कार्ड, वेतन पर्ची और सुरक्षा उपकरण की गारंटी हो।
8. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में श्रमिक संगठनों की बैठक बुलाई जाए।

*सीएम से लगाई न्याय की गुहार*
फेडरेशन ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर प्रदेश में कानून का राज, शांति और विकास सुनिश्चित करेंगे। देने वाले मुकेश सक्सेना, डॉ. अंचल अहेरी, संजीव मेहरोत्रा समेत अन्य पदाधिकारियों मौजूद रहे ।