बरेली में सज्जादा नशीन हजरत सैयद मोहम्मद मियाँ वामिकी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया,

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बरेली में सज्जादा नशीन हजरत सैयद मोहम्मद मियाँ वामिकी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया,

रिपोर्ट/आसिफ अली

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जनाजे में उमड़ा हजारों अकीदतमंदों का सैलाब*
*शाहदाना वली सरकार दरगाह पर पढ़ी गई नमाज-ए-जनाजा, देशभर की खानकाहों के सज्जादानशीनों ने की शिरकत*

*बरेली, 16 अप्रैल खानकाह-ए-वामिकिया के सज्जादा नशीन हजरत सैयद मोहम्मद मियाँ वामिकी अशर्फी जिलानी को जुमेरात सुबह सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनके जनाजे में हजारों अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। आलम यह था कि शाहदाना दाना वली सरकार दरगाह से लेकर खानकाह-ए-वामिकिया तक जनसैलाब ही नजर आ रहा था।

*शाहदाना वली सरकार दरगाह पर पढ़ी गई नमाज-ए-जनाजा*
गुरुवार सुबह 8 बजे शाहदाना दाना वली सरकार दरगाह परिसर में हजरत सैयद मोहम्मद मियाँ की नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। नमाज में बरेली ही नहीं, यूपी, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार से आए हजारों मुरीद शामिल हुए। नमाज के बाद गमगीन माहौल में हजरत को खानकाह-ए-वामिकिया परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

*देशभर की खानकाहों के सज्जादानशीन पहुंचे*
जनाजे में शिरकत करने के लिए देशभर की मखदूम खानकाहों के सज्जादानशीन और खादिम बरेली पहुंचे। खानकाह-ए-अशरफिया से जफर मियां अशरफी, खानकाह-ए-शराफतिया व सकलैनिया से गाज़िया गाज़ी मियां सहित कई अन्य खानकाहों के सज्जादा नशीन, उलेमा और सूफी बुजुर्गों ने शिरकत की। सभी ने मरहूम हजरत के लिए मगफिरत और बुलंद दर्जे की दुआ की।

*सड़क से लेकर छतों तक दिखा जनसैलाब*
हजरत सैयद मोहम्मद मियाँ के आखिरी दीदार और जनाजे में शामिल होने के लिए सुबह 6 बजे से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। देखते ही देखते सिविल लाइंस से लेकर पुराना शहर तक का इलाका अकीदतमंदों से भर गया। सड़कें, गलियां और मकानों की छतें लोगों से खचाखच भरी थीं। पुलिस प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त फोर्स लगानी पड़ी।

*80 साल की उम्र में हुआ था इंतकाल*
बता दें कि खानकाह-ए-वामिकिया के सज्जादा नशीन हजरत सैयद मोहम्मद मियाँ वामिकी अशर्फी जिलानी का बुधवार को 80 वर्ष की उम्र में इंतकाल हो गया था। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी सिलसिला-ए-अशरफिया के प्रचार और कौमी एकता के लिए समर्पित कर दी। उनके लाखों मुरीद देश-विदेश में फैले हुए हैं।

*खानकाह पर गम का माहौल, जारी है फातिहा*
सुपुर्द-ए-खाक के बाद खानकाह-ए-वामिकिया पर फातिहा ख्वानी का सिलसिला जारी है। देश के कोने-कोने से मुरीद पहुंचकर हजरत को खिराज-ए-अकीदत पेश कर रहे हैं। खानकाह इंतजामिया कमेटी ने बताया कि अगले तीन दिन तक कुरान ख्वानी और लंगर का इंतजाम किया गया है।

*पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद*
जनाजे में भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।

हजरत सैयद मोहम्मद मियाँ वामिकी का जाना सूफी जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनके जनाजे में उमड़ा जनसैलाब इस बात का सबूत है कि उन्होंने लाखों दिलों पर राज किया। उनके बताए मोहब्बत और भाईचारे के पैगाम को लोग हमेशा याद रखेंगे।