गैस संकट… सिलेंडर नहीं तो कैसे बनेगा खाना, शादी वाले घरों में चिंता बड़ा रही है.
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गैस संकट… सिलेंडर नहीं तो कैसे बनेगा खाना, शादी वाले घरों में चिंता बड़ा रही है.
रिपोर्ट/आसिफ अली
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पूर्ति कार्यालय में हर दिन शादी का कार्ड लेकर सिलेंडर की गुहार
बरेली। आज 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहे है और 15 अप्रैल से शहनाईयां बजनी शुरू हो रही है। इससे पहले ही शादी वाले घरों में गैस संकट सता रहा है। डीएम की पहल पर शादी वाले घरों के लिए वैकल्पिक तौर पर कामर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने केलिए दूल्हा दुल्हन परिवार वालों को गैस एजेंसियों से लेकर प्रशासन और पूर्ति कार्यालय के फेरे लगाने पड़ रहे है। प्रार्थना पत्र केसाथ गैस एजेंसी केदस्तावेज और शादी का कार्ड हाथ में थामें लोगों की तहसील सदर और डीएसओ कार्यालय में दर्जनों लोगों की भीड़ जुटने लगी
है। गैस किल्लत के बीच कामर्शिलय सिलेंडर उपलब्ध कराने केलिए पूर्ति विभाग की तरफ से जांच पड़ताल की जा
रही है। 16 अप्रैल से शहनाइयां बजनी शुरू हो जाएंगे। शादी वाले घरों में इस बार सबसे प्राथमिकता गैस
सिलेंडर को दी जाने लगी है। गैस की उपलब्धता केलिए कलेक्ट्रेट-तहसील से लेकर पूर्ति कार्यालय पर भीड़ जमा होने लगी है। पूर्ति कार्यालय में शादी कार्ड के साथ प्रार्थना पत्रों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर पूर्ति विभाग के कार्यालय अवकाश होने केबाद भी खोले गए थे जिस कारण शादी वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। डीएसओ मनीष कुमार सिंह के निर्देश पर प्रत्येक प्रार्थना पत्र और शादी कार्ड की गहना से जांच के निर्देश दिए गए है। पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से जांच पड़ताल के बाद ही गैस सिलेंडरों की स्वीकृति दी जा रही है।
सिलेंडर के लिए आ रही सिफारिशें
शादी वाले घरों में सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर प्रार्थना पत्र के साथ शादी कार्ड लगाने के बाद डीएसओ से लेकर लिपिकों तक संभ्रांत लोगों की सिफारिशें पहुंच रही है। सिलेंडर उपलब्ध कराने में पारदर्शिता और निष्पक्षता होने को प्राथमिकता दी जा रही है जिस कारण जांच केबाद ही सिलेंडर मुहैया होने की बात कहकर संभ्रांत लोगों की सिफारिशों को दरकिनार कर दिया जा रहा है।