डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर फ्रॉड से बचाया परिवार, अब स्कूलों और मोहल्लों में जागरूकता फैलाएगा छात्र तन्मय

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डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर फ्रॉड से बचाया परिवार, अब स्कूलों और मोहल्लों में जागरूकता फैलाएगा छात्र तन्मय

रिपोर्ट/आसिफ अली

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8वीं के छात्र ने बचाए माता-पिता के लाखों रुपये, पुलिस ने किया सम्मानित

बरेली: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच एक आठवीं कक्षा के छात्र ने अपनी समझदारी से बड़ा उदाहरण पेश किया है। प्रेमनगर क्षेत्र के रहने वाले छात्र तन्मय ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर फ्रॉड से अपने माता-पिता को बचाकर न सिर्फ लाखों रुपये सुरक्षित रखे, बल्कि पुलिस की सराहना भी हासिल की।

तन्मय की इस बहादुरी और सूझबूझ को देखते हुए बरेली पुलिस ने उसे ‘साइबर प्रहरी’ की जिम्मेदारी सौंपी है। अब वह लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक करेगा।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, तन्मय के पिता संजय कुमार सक्सेना के पास एक अंजान नंबर से कॉल आया।
कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें डराना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्हें घंटों तक वीडियो कॉल पर उलझाकर रखा गया, जिसे आमतौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है।

इस दौरान तन्मय ने स्थिति को भांप लिया और बार-बार पिता को सतर्क किया कि यह साइबर ठगी है। लेकिन डर के कारण पिता कॉल नहीं काट पा रहे थे।

बच्चे की समझदारी से बचा परिवार
तन्मय ने हिम्मत दिखाते हुए कॉल के कुछ वीडियो क्लिप रिकॉर्ड कर लिए और अंत में खुद ही कॉल काटकर घर के सभी फोन फ्लाइट मोड पर डाल दिए, ताकि ठग दोबारा संपर्क न कर सकें।
इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, जहां उन्हें खाते सुरक्षित करने और आगे सतर्क रहने की सलाह दी गई।

पुलिस ने किया सम्मानित तन्मय की जागरूकता और साहस को देखते हुए एडीजी जोन रमित शर्मा और एसएसपी अनुराग आर्य ने उसे अपने कार्यालय बुलाकर सम्मानित किया। इस दौरान उसे साइबर प्रहरी घोषित किया गया और कई उपहार देकर उत्साहवर्धन किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि तन्मय जैसे बच्चे समाज के लिए प्रेरणा हैं और इनके जरिए साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा।

अब जागरूकता फैलाएगा तन्मय
तन्मय अब अपने स्कूल, मोहल्ले और अन्य जगहों पर लोगों को साइबर अपराध से बचने के तरीके बताएगा। साथ ही उसकी बनाई पेंटिंग और जागरूकता संदेश पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किए जाएंगे।

क्या कहता है तन्मय?
तन्मय का कहना है कि वह अखबारों और सोशल मीडिया पर आने वाली खबरों को ध्यान से पढ़ता है, जिससे उसे साइबर ठगी के तरीकों की जानकारी मिली और वह सही समय पर सही फैसला ले सका।