बरेली उपद्रव केस में हाईकोर्ट सख्त: 3 आरोपितों की याचिका खारिज, गिरफ्तारी के आदेश जारी

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बरेली उपद्रव केस में हाईकोर्ट सख्त: 3 आरोपितों की याचिका खारिज, गिरफ्तारी के आदेश जारी

रिपोर्ट/आसिफ अली

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स्टे और अग्रिम जमानत भी नहीं आई काम, क्राइम ब्रांच की कार्रवाई तेज—कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

बरेली। शहर में 26 सितंबर को हुए चर्चित उपद्रव मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद तीन प्रमुख आरोपितों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट ने साजिद सकलैनी, अजमल रफी और नईम कुरैशी की प्राथमिकी निरस्त करने की याचिका खारिज कर दी है।

इसके साथ ही एक आरोपी को मिला गिरफ्तारी पर स्टे भी समाप्त कर दिया गया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने आरोपितों की गिरफ्तारी की तैयारी तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपितों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे गलत हैं और उन्हें रद्द किया जाए। हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मामले में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

पहले साजिद सकलैनी को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई थी, जबकि अजमल रफी और नईम कुरैशी अग्रिम जमानत पर थे, लेकिन अब उनकी कानूनी राहत खत्म हो चुकी है।

गौरतलब है कि ‘आई लव मुहम्मद’ प्रकरण के दौरान शहर में बड़े स्तर पर हिंसा भड़की थी। उपद्रवियों पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस पर पेट्रोल बम और एसिड से भरी बोतलें फेंकीं, फायरिंग की और आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

घटना के बाद पुलिस ने पांच थानों में कुल 10 मुकदमे दर्ज किए थे, जिनमें कोतवाली, बारादरी, किला, प्रेमनगर और कैंट थाना शामिल हैं। इनमें से दो अहम मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। इंस्पेक्टर संजय धीर की अगुवाई में जांच आगे बढ़ रही है।

आपको बता दे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह मामला शहर में कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा परीक्षण माना जा रहा है।