श्रावण मास व कांवड़ यात्रा को लेकर बरेली परिक्षेत्र हाई अलर्ट, डीआईजी ने जारी किए सख्त सुरक्षा निर्देश
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श्रावण मास व कांवड़ यात्रा को लेकर बरेली परिक्षेत्र हाई अलर्ट, डीआईजी ने जारी किए सख्त सुरक्षा निर्देश
रिपोर्ट/आसिफ अली
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ICCC से होगी लाइव मॉनिटरिंग, कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट और डीजे की आवाज 75 डेसिबल तक सीमित, चार जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
बरेली। आगामी श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली परिक्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अजय कुमार साहनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सुरक्षा, यातायात, महिला सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और विभिन्न विभागों के समन्वय को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में डीआईजी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सभी कांवड़ शिविर प्रशासन की अनुमति के बाद ही लगाए जाएंगे और उन्हें सड़क से पर्याप्त दूरी पर स्थापित किया जाएगा, ताकि यातायात प्रभावित न हो। प्रत्येक शिविर में सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी उपकरण और सेवादारों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होंगे।
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अलग वाशरूम, विश्राम कक्ष, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और मिशन शक्ति सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं पूरे कांवड़ मार्ग को सुपर जोन, जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में बांटकर पैदल व बाइक गश्त बढ़ाई जाएगी।
बरेली रिजर्व पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) स्थापित किया जाएगा, जहां से चारों जिलों के प्रमुख कांवड़ मार्गों, घाटों, मंदिरों और चौराहों की लाइव निगरानी की जाएगी। इसके अलावा कांवड़ मार्गों पर लगे सीसीटीवी और आईपी कैमरों की निगरानी परिक्षेत्र स्तर की कांवड़ सेल भी करेगी।
बदायूं के कछला घाट पर अस्थायी थाना, चार पुलिस चौकियां, वॉच टावर, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और वायरलेस संचार व्यवस्था स्थापित की जाएगी। दुर्घटनाओं, गौकशी और अन्य संवेदनशील घटनाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रत्येक कांवड़ जत्थे के लिए चौकीवार नोडल उपनिरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे और सभी जत्थों का पूरा रिकॉर्ड पुलिस के पास रहेगा।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के बीच संयुक्त रूट डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए अलग मार्ग और समय निर्धारित रहेगा। कांवड़ मार्ग से जुड़े अस्पतालों में बेड आरक्षित रखने, बाइक एम्बुलेंस, मोबाइल लाइटिंग और राहत वाहनों की भी व्यवस्था की जाएगी। घाटों पर SDRF, फ्लड पीएसी, गोताखोर, नाव, लाइफ जैकेट और बैरिकेडिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।
डीआईजी ने निर्देश दिए कि रेलवे लाइन और बिजली के तारों को ध्यान में रखते हुए कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी। डीजे की ध्वनि सीमा 75 डेसिबल तय की गई है और मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर स्थित शराब और मांस की दुकानों, ढाबों और होटलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नगर निगम और पंचायतों के सहयोग से पूरे मार्ग की साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और मृत पशुओं को तत्काल हटाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के अंत में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, समन्वय और सतर्कता में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। साथ ही नागरिकों से भी प्रशासन का सहयोग करने और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की गई।