बरेली मंडल समीक्षा बैठक: आयुष्मान मरीजों से वसूली पर सख्त एक्शन के आदेश, फर्जी मेडिकल बिलों पर भी शिकंजा

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बरेली मंडल समीक्षा बैठक: आयुष्मान मरीजों से वसूली पर सख्त एक्शन के आदेश, फर्जी मेडिकल बिलों पर भी शिकंजा

रिपोर्ट.आसिफ अली

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मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने स्वास्थ्य, गेहूं खरीद, निर्माण कार्य और योजनाओं की समीक्षा में दिए कड़े निर्देश

बरेली, 1 अप्रैल। बरेली मंडल की अहम समीक्षा बैठक में प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं में गड़बड़ी, फर्जीवाड़े और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों से अवैध वसूली करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी आयुष्मान कार्ड धारक से इलाज के दौरान पैसा लिया जाता है तो सिर्फ रकम वापस कराना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित अस्पताल और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पीलीभीत जिले में ऐसे एक मामले में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई।

फर्जी मेडिकल बिल और अस्पतालों पर नजर
बैठक में शाहजहांपुर जिले में चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। ऐसे अस्पतालों के बिल लगाए गए जो धरातल पर मौजूद ही नहीं हैं। इस पर मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और हर दावे का गहन सत्यापन कराने के निर्देश दिए।

गर्भवती महिलाओं की जांच पर जोर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हेपेटाइटिस-बी जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि नवजात शिशुओं को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके। साथ ही आईसीयू बेड बढ़ाने और संचारी रोग अभियान के तहत घर-घर दस्तक अभियान के साथ आभा आईडी बनाने पर भी जोर दिया गया।

गेहूं खरीद और खाद की स्थिति बैठक में गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इस बार 2582 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद होगी।

मंडल में 538 क्रय केंद्र तैयार हैं, हालांकि बारिश के कारण आवक प्रभावित बताई गई। खाद की उपलब्धता भी पर्याप्त बताई गई, जिसमें एक लाख एक हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।

फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी पर फोकस
फार्मर रजिस्ट्री में बरेली को छोड़ अन्य जिलों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर सुधार के निर्देश दिए गए। फैमिली आईडी के लक्ष्य बढ़ाए जाने के साथ सिंगल पर्सन परिवारों के सत्यापन पर भी जोर दिया गया।

शिक्षा, रोजगार और आंगनबाड़ी भर्ती
विद्यालयों में कोर्स बदलकर किताबों की आपूर्ति के मामलों की जांच के निर्देश दिए गए।

वहीं प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत सरकारी विभागों को भी रजिस्ट्रेशन कराने और इसका लाभ लेने के लिए कहा गया। मंडल में 22 नई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती की जानकारी भी दी गई।

निर्माण कार्यों की समीक्षा, गुणवत्ता पर सख्ती
मंडल में 6 अनारंभ परियोजनाओं सहित कई निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। गर्रा नदी पर पुल निर्माण और पीलीभीत में इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम का काम शुरू होने की जानकारी दी गई।

मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना के 50% पूर्ण होने से पहले अनिवार्य निरीक्षण किया जाए, ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

बड़ी परियोजनाओं पर भी नजर सैटेलाइट बस स्टैंड के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर से होना बताया गया, जबकि इज्जतनगर बस स्टैंड का कार्य मार्च तक पूरा होने की बात कही गई। 2 करोड़ से अधिक लागत वाली 236 परियोजनाओं की भी समीक्षा बैठक में की गई।

बैठक में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं के जिलाधिकारी सहित सभी मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।