बरेली में नाला हादसे के बाद बड़ा एक्शन, 500 करोड़ से ढके जाएंगे 400 किमी नाले

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बरेली में नाला हादसे के बाद बड़ा एक्शन, 500 करोड़ से ढके जाएंगे 400 किमी नाले

रिपोर्ट/आसिफ अली

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सैटेलाइट बस स्टैंड हादसे में यात्री की मौत के बाद जागा प्रशासन, बैरिकेडिंग से लेकर सख्त कार्रवाई तक की तैयारी

बरेली। शहर में खुले नालों से हो रही लगातार घटनाओं के बीच सैटेलाइट बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। हरदोई निवासी यात्री तौहीद की नाले में गिरकर मौत के बाद अब नगर निगम बड़े स्तर पर एक्शन मोड में आ गया है। शहर के करीब 400 किलोमीटर लंबे सभी छोटे-बड़े नालों को ढकने के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह योजना चरणबद्ध (फेज वाइज) तरीके से लागू की जाएगी, जिससे शहर के सभी संवेदनशील और दुर्घटना संभावित स्थानों को प्राथमिकता दी जा सके।

हादसे ने खोली व्यवस्थाओं की पोल सैटेलाइट बस स्टैंड के पास खुले नाले में गिरकर हुई तौहीद की मौत ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाले का स्लैब खुला था और आसपास किसी तरह की चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।

इसी लापरवाही के चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और लगातार प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की जा रही है।

500 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार नगर निगम द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्ताव के तहत: शहर के करीब 400 किलोमीटर लंबे नालों को कवर किया जाएगा कार्य को कई चरणों (फेज वाइज) में पूरा किया जाएगा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्रमुख सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को प्राथमिकता मिलेगी नालों के ऊपर मजबूत स्लैब और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा अधिकारियों के अनुसार, यह योजना लागू होने के बाद शहर में खुले नालों से होने वाले हादसों पर पूरी तरह रोक लगाने का लक्ष्य है।

तत्काल सुरक्षा के निर्देश हादसे के बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने तत्काल प्रभाव से सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
गहरे और खुले नालों के पास बैरिकेडिंग की जाए
खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
रात के समय रिफ्लेक्टिव संकेतक लगाए जाएं
संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जाए
सुभाषनगर से होगी शुरुआत इस बड़े अभियान की शुरुआत सुभाषनगर इलाके से की जा रही है।

यहां एक बड़े नाले को ढकने के लिए करीब 3.5 करोड़ रुपये का टेंडर फाइनल कर दिया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। नाले का स्लैब खुला छोड़ने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले की जांच अपर नगर आयुक्त स्तर पर शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।

शहर को सुरक्षित बनाने की कवायद
प्रशासन का दावा है कि इस व्यापक योजना के लागू होने के बाद बरेली की सड़कों पर “मौत का सफर” खत्म होगा और नागरिकों को सुरक्षित आवागमन मिल सकेगा।

हालांकि, स्थानीय लोग अब इस योजना के जल्द धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्दनाक नुकसान न झेलना पड़े।