सेटेलाइट बस अड्डे के पास नाले मे गिरे व्यक्ति शव मिला 30 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया शव; स्मार्ट सिटी व्यवस्था पर उठे सवाल

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सेटेलाइट बस अड्डे के पास नाले मे गिरे व्यक्ति शव मिला 30 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया शव; स्मार्ट सिटी व्यवस्था पर उठे सवाल

रिपोर्ट/आसिफ अली

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सेटेलाइट बस अड्डे के पास हुआ था हादसा, CCTV में कैद हुई घटना; तौहीद के रूप में हुई पहचान, NDRF-SDRF ने चलाया लंबा रेस्क्यू

बरेली। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच शहर के सेटेलाइट बस अड्डे के पास खुले नाले में गिरे युवक का आखिरकार शव बरामद कर लिया गया है।

करीब 30 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीमों को सफलता मिली। मृतक की पहचान तौहीद के रूप में हुई है। इस दर्दनाक हादसे ने नगर निगम की लापरवाही और शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

मंगलवार रात करीब 9:30 बजे एक युवक अचानक सड़क किनारे खुले गहरे नाले में गिर गया था। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आए।

शुरुआती 15 घंटे तक लगातार तलाश के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिला था, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों में बेचैनी बढ़ती गई।

30 घंटे चला रेस्क्यू, तब जाकर मिली सफलता
रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार जुटी रहीं। नाले में जमा गंदगी, गहराई और तेज बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन बेहद मुश्किल हो गया था।

रामपुर से मंगाई गई भारी मशीनों की मदद से नाले के ऊपर पड़े स्लैब को कई जगह से तोड़ा गया। इसके साथ ही पानी को लगातार बाहर निकाला गया, तब जाकर टीमों को अंदर तक पहुंचने में सफलता मिली। करीब 30 घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार युवक का शव बरामद कर लिया गया।

CCTV में कैद हुआ था हादसा
पुलिस जांच में सामने आया कि युवक नशे की हालत में था और अंधेरे में खुले नाले का अंदाजा नहीं लगा सका। सीसीटीवी फुटेज में वह सीधे खुले हिस्से में गिरता हुआ नजर आया। इस फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी थी।

खुले नाले ने ली जान, नगर निगम पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि होली से पहले सफाई के दौरान नगर निगम ने नाले का स्लैब हटाया था, लेकिन उसे दोबारा नहीं ढका गया। यही लापरवाही इस हादसे की सबसे बड़ी वजह बनी।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नाला ढका होता तो एक युवक की जान नहीं जाती।

कचरे और गंदगी ने बढ़ाई मुश्किलें
रेस्क्यू टीमों को नाले में भरे भारी कचरे और कीचड़ के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई बार ऑपरेशन रोककर रणनीति बदलनी पड़ी। पानी निकालने और स्लैब तोड़ने के बाद ही टीम अंदर तक पहुंच सकी।

पहचान के बाद परिवार में मचा कोहराम
शव मिलने के बाद युवक की पहचान तौहीद के रूप में हुई। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मौके पर डटे रहे अधिकारी पूरे ऑपरेशन के दौरान एडीएम सिटी, नगर आयुक्त और क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

स्मार्ट सिटी पर फिर उठे सवाल इस हादसे ने बरेली की स्मार्ट सिटी परियोजना की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले नाले, अधूरी व्यवस्थाएं और लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं।