बरेली में विश्व क्षय रोग दिवस पर टीबी मुक्त पंचायतों का सम्मान, 100 दिवसीय अभियान शुरू

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बरेली में विश्व क्षय रोग दिवस पर टीबी मुक्त पंचायतों का सम्मान, 100 दिवसीय अभियान शुरू

रिपोर्ट/आसिफ अली

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2025 में 47 ग्राम पंचायतें बनीं टीबी मुक्त, जनभागीदारी से बीमारी खत्म करने का लक्ष्य

बरेली: विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर 24 मार्च 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में टीबी मुक्त पंचायत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद में टीबी उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा के साथ नई रणनीतियों पर भी जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में बरेली में कुल 47 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, जिनमें 39 को कांस्य, 6 को सिल्वर और 2 पंचायतों को गोल्ड श्रेणी में सम्मानित किया गया। इससे पहले वर्ष 2024 में 51 और 2023 में 12 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई थीं। लगातार तीन वर्षों तक मानक पूरे करने वाली पंचायतों को गोल्ड श्रेणी में महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने के लिए भारत सरकार द्वारा छह प्रमुख मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इनमें प्रति 1000 आबादी पर 30 जांच, प्रति 1000 आबादी पर एक या उससे कम मरीज, 85 प्रतिशत से अधिक उपचार सफलता दर, 60 प्रतिशत से अधिक यूडीएसटी, 50 प्रतिशत मरीजों को निक्षय पोषण योजना की पहली किस्त और सभी मरीजों को निक्षय मित्रों द्वारा गोद लेना शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में जनपद में 19,792 टीबी मरीजों की पहचान की गई, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 3,751 मरीज चिन्हित हो चुके हैं। टीबी का एक मरीज यदि इलाज नहीं कराता है तो वह एक वर्ष में 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है। ऐसे में समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है, जो सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है।

कार्यक्रम में 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान का शुभारंभ भी किया गया। इस अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले समूहों—जैसे बुजुर्ग, पूर्व टीबी मरीज, कुपोषित व्यक्ति, धूम्रपान करने वाले, मधुमेह रोगी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लोगोंकी विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी। लक्षण मिलने पर जांच और पुष्टि होने पर तुरंत उपचार शुरू किया जाएगा।

निक्षय मित्र योजना के तहत टीबी मरीजों को उपचार अवधि में हर माह पोषण पोटली वितरित की जाती है, जिसमें प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री शामिल होती है। इसी क्रम में अधिकारियों द्वारा मरीजों को गोद लेकर पोषण सहायता भी प्रदान की गई।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” अभियान को सफल बनाते हुए जल्द ही जनपद को टीबी मुक्त बनाया जाए।