साध्वी प्राची के बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की प्रतिक्रिया, टोपी को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम
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रिपोर्ट/आसिफ अली
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साध्वी प्राची के बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की प्रतिक्रिया, टोपी को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम
बरेली। विवादित बयानों के लिए चर्चित साध्वी प्राची एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक टिप्पणी के दौरान साध्वी प्राची ने कहा कि जिस दिन दिल्ली में बैठे “दो गुजराती” ठान लेंगे, उस दिन ओवैसी की तो बात छोड़िए, “जालीदार टोपी भी राधे-राधे बोलेगी।”
इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का पलटवार
साध्वी प्राची के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने करारा पलटवार किया।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि साध्वी प्राची को जालीदार टोपी से प्यार हो गया है, तभी वह बार-बार टोपी का जिक्र कर रही हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने स्पष्ट किया कि टोपी किसी एक समुदाय की पहचान नहीं है। उन्होंने कहा कि आम जीवन में कई गैर-मुस्लिम लोग भी टोपी पहनते हैं। टोपी सिर की सुरक्षा और सम्मान के लिए भी इस्तेमाल होती है।
‘नफरत भरी भाषा’ बंद करने की अपील
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आरोप लगाया कि साध्वी प्राची का बयान मुसलमानों को निशाना बनाकर दिया गया है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसे नफरत फैलाने वाली भाषा बताया और कहा कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में गलत संदेश देती हैं।
उन्होंने कहा कि देश में भाईचारे और सौहार्द की जरूरत है, न कि ऐसी बयानबाजी की जो समाज को बांटने का काम करे।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का तंज
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आगे कहा, “इंशाल्लाह एक दिन ऐसा भी आएगा जब साध्वी प्राची खुद भी टोपी पहनेंगी।”
उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद
साध्वी प्राची के बयान और मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के पलटवार के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।