2026 बजट में अल्पसंख्यकों को मिली प्राथमिकता, 3350 करोड़ का प्रावधान

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2026 बजट में अल्पसंख्यकों को मिली प्राथमिकता, 3350 करोड़ का प्रावधान

रिपोर्ट/आसिफ अली

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स्वागतयोग्य: मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी
बरेली। संसद में प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने बजट को संतुलित और स्वागतयोग्य बताया है।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री भारत सरकार निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें अल्पसंख्यकों के हितों को भी विशेष महत्व दिया गया है।

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए 3350 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार ने इस वर्ग की जरूरतों पर गंभीरता से ध्यान दिया है। उन्होंने बताया कि यह राशि पिछले वर्ष के मुकाबले 166 करोड़ रुपये अधिक है, जो एक सकारात्मक पहल मानी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बजट में व्यापार, उद्योग, बाजार, नौकरीपेशा वर्ग, घरेलू क्षेत्र, युवा, खेल, शिक्षा और अल्पसंख्यकों समेत सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं, जिससे देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश दिखाई देती है। यह बजट प्रधानमंत्री के नारे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना को दर्शाता है।

हालांकि मौलाना रज़वी ने यह भी कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने चिंता जताई कि अफसरशाही में व्याप्त भ्रष्टाचार और लूट-खसोट के कारण कई बार सरकारी योजनाएं ज़मीनी स्तर तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे लोगों में यह धारणा बन जाती है कि सरकार उनके लिए कुछ नहीं कर रही।

उन्होंने सरकार से अपील की कि इन कमियों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके और अल्पसंख्यकों का विश्वास और मजबूत हो।
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