बरेली में मुल्ला जी ने दिखाई इंसानियत, बची दो महिलाओं की जान

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बरेली में मुल्ला जी ने दिखाई इंसानियत, बची दो महिलाओं की जान

रिपोर्ट/आसिफ अली

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दिनदहाड़े हमला, मोहल्ला बना मूकदर्शक:

बरेली। शहर में अपराधियों के बढ़ते हौसलों की एक डराने वाली तस्वीर शनिवार को सामने आई, जब दिनदहाड़े एक चोर ने नामचीन पशु प्रेमी और मर्सी फॉर ऑल सोसाइटी की संचालक शालिनी अरोड़ा के घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया।

इस वारदात ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि समाज की संवेदनहीनता भी उजागर कर दी, जहां चीख-पुकार के बावजूद लोग तमाशबीन बने रहे।

घटना शनिवार सुबह करीब 10:45 बजे की है। शालिनी अरोड़ा अपनी सहायिका कुमकुम के साथ घर के अंदर काम कर रही थीं, तभी एक युवक दीवार फांदकर घर में घुस आया।

शोर होने पर घर के पालतू कुत्ते ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन बौखलाए हमलावर ने कुत्ते पर भी हमला कर दिया। हालात बिगड़ते देख शालिनी अरोड़ा और कुमकुम बाहर की ओर भागीं, तभी आरोपी ने दोनों पर हमला बोल दिया।

पीड़िता का आरोप है कि वह लगातार मदद के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन न कोई पड़ोसी सामने आया और न ही राह से गुजर रहे लोगों ने हस्तक्षेप किया। कई लोग सड़क पर खड़े होकर घटना देखते रहे।

आपात स्थिति में पुलिस की 112 सेवा से संपर्क करने की कोशिश भी नाकाम रही, जिससे महिलाओं की जान पर बन आई।

जान जोखिम में डालकर भिड़े मुल्ला जी
इसी दौरान वहां से गुजर रहे कबाड़ खरीदने वाले मुल्ला जी ने शोर सुना और बिना देर किए हमलावर से भिड़ गए।

आरोपी ने उन पर भी हमला किया और सिर पर वार किया, बावजूद इसके मुल्ला जी डटे रहे। कुछ ही देर में शालिनी अरोड़ा के सेंटर के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और सभी ने मिलकर आरोपी को काबू में कर लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम निसार बताया है। इस घटना में शालिनी अरोड़ा, उनकी सहायिका कुमकुम और मुल्ला जी घायल हुए हैं। शालिनी अरोड़ा की तहरीर पर इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपी का चालान कर दिया गया है।

“यही है असली इंसानियत”घटना के बाद शालिनी अरोड़ा ने एक वीडियो जारी कर मुल्ला जी का सार्वजनिक रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब पूरा समाज खामोश था, तब मुल्ला जी ने इंसानियत की मिसाल पेश की।

धर्म और मजहब से ऊपर उठकर किसी की जान बचाना ही सच्ची मानवता है। अगले दिन शालिनी अरोड़ा ने मुल्ला जी को अपने घर बुलाकर सम्मानपूर्वक धन्यवाद किया।

दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने जहां शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं मुल्ला जी की बहादुरी ने यह भी साबित कर दिया कि आज भी इंसानियत जिंदा है.और वक्त पड़ने पर वह ढाल बनकर सामने आती है।