दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग, आजाद समाज पार्टी ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, लाठीचार्ज की भी जांच की मांग

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दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग, आजाद समाज पार्टी ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, लाठीचार्ज की भी जांच की मांग

*रिपोर्ट/आसिफ अली *

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बरेली,मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र में दलित छात्रा ललिता गौतम के अपहरण और हत्या मामले में न्याय की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के विधिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बरेली नगर मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

क्या है पूरा मामला ज्ञापन में कहा गया कि 15 मई 2026को रोहटा थाना क्षेत्र के ग्राम उकसिया में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मामले में अभी भी कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित है, जिससे पीड़ित परिवार और समाज में भारी आक्रोश है।

8 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आरोप पार्टी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि 8 जुलाई 2026 को मेरठ कलेक्ट्रेट में न्याय की मांग कर रहे परिजनों और समाज के लोगों पर कथित रूप से लाठीचार्ज किया गया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

इसके साथ ही अधिवक्ता रवि गौतम के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता और बल प्रयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

राज्यपाल से की गईं ये 5 बड़ी मांगें आजाद समाज पार्टी ने ज्ञापन के जरिए राज्यपाल से निम्न मांगें की हैं:

1. हत्या प्रकरण में फरार सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी* सुनिश्चित की जाए।
2. 8 जुलाई की घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच* कराई जाए।
3. अधिवक्ता रवि गौतम के मामले की उच्चस्तरीय जांच हो।
4. संबंधित *सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।
5. जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।

साथ ही पार्टी ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और भविष्य में महिलाओं, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की।

कलेक्ट्रेट पहुंचे पदाधिकारी ज्ञापन देने वालों में अमर सिंह एडवोकेट सहित आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।

यह खबर आजाद समाज पार्टी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और पार्टी पदाधिकारियों के बयान पर आधारित है। मामले में आगे की कार्रवाई प्रशासन स्तर पर की जाएगी।