बरेली नगर निगम में बवाल: ठेका सफाई कर्मियों ने स्वास्थ्य अधिकारी का पकड़ा गिरेबान, चूड़ियां फेंकी, नगर आयुक्त बोले कार्रवाई होगी

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बरेली नगर निगम में बवाल: ठेका सफाई कर्मियों ने स्वास्थ्य अधिकारी का पकड़ा गिरेबान, चूड़ियां फेंकी, नगर आयुक्त बोले कार्रवाई होगी

*रिपोर्ट/आसिफ अली*

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“7500 की जगह 13000 मांग रहे सफाई कर्मी”: डॉ. भानु प्रकाश के दफ्तर में धक्का-मुक्की, दोनों पक्षों ने दी कोतवाली में तहरीर, 7 कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज

बरेली: नगर निगम में सोमवार को ठेका सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन बेकाबू हो गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश के कार्यालय में घुसे कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने अधिकारी का गिरेबान पकड़ लिया और एक युवक ने डिब्बे से चूड़ियां निकालकर उनके मुंह पर फेंक दीं। घटना के बाद निगम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

कैसे शुरू हुआ बवाल?
स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष आशीष कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों ठेका सफाई कर्मचारी और महिलाएं डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगे कर्मियों के मानदेय को लेकर नगर निगम पहुंचे थे। कर्मचारियों की मांग है कि शासनादेश के अनुसार 13000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलना चाहिए, जबकि उन्हें सिर्फ 7500 रुपये दिए जा रहे हैं। इसी मांग को लेकर कर्मचारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश से मिलने पहुंचे थे।

दफ्तर में हुई हाथापाई
डॉ. भानु प्रकाश उस समय उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नैन सिंह समेत अन्य अफसरों के साथ बैठक कर रहे थे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि इसी बीच कुछ लोगों ने डॉ. भानु प्रकाश के साथ अभद्रता करते हुए उनका गिरेबान पकड़ लिया। एक युवक ने चूड़ियां निकालकर अधिकारी की ओर फेंक दीं। हंगामे की आवाज सुनकर आसपास के विभागों के कर्मचारी भी बाहर आ गए। देखते ही देखते निगम में भीड़ जुट गई।

कर्मचारी नेता बोले: शांतिपूर्ण थे, अभद्रता नहीं की
जिला अध्यक्ष आशीष कुमार ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ ज्ञापन देने गए थे। किसी से अभद्रता नहीं की। 7500 में घर नहीं चलता। शासनादेश के हिसाब से 13000 मिलना चाहिए।”

नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पक्ष
डॉ. भानु प्रकाश का कहना है कि “संबंधित कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से नियुक्त हैं। स्वास्थ्य विभाग का उनसे सीधा संबंध नहीं है। मानदेय का मामला ठेकेदार और शासन स्तर का है।”

सफाई मजदूर संघ ने की निंदा
उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ के महानगर अध्यक्ष राजेश कुमार ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, “अधिकारी और कर्मचारी दोनों व्यवस्था का हिस्सा हैं। समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए। किसी भी अधिकारी के साथ अभद्रता स्वीकार नहीं है।”

दोनों तरफ से तहरीर, जांच शुरू
मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी नेताओं दोनों ने कोतवाली में तहरीर दी है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा, “सरकारी दफ्तर में इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं होगी। जांच कराई जा रही है। दोषियों पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी।” नगर निगम प्रशासन ने पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है।