बरेली में TGT परीक्षा में पकड़ा गया फर्जी सॉल्वर: डेढ़ लाख में हुआ था सौदा, बायोमेट्रिक से खुली पोल*
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बरेली में TGT परीक्षा में पकड़ा गया फर्जी सॉल्वर: डेढ़ लाख में हुआ था सौदा, बायोमेट्रिक से खुली पोल*
*रिपोर्ट/आसिफ अली *
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*आजमगढ़ का प्रमोद बना फर्रुखाबाद के विमल: इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में दूसरे की जगह दे रहा था परीक्षा, पुलिस ने दबोचा, असली अभ्यर्थी की तलाश जारी*
*बरेली, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से TGT परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। यहां *इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र* पर एक फर्जी सॉल्वर को रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर बैठकर परीक्षा दे रहा था। चेकिंग के दौरान केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को शक हुआ तो बायोमेट्रिक जांच कराई गई। थंब इंप्रेशन मैच न होने पर पोल खुल गई। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
*डेढ़ लाख में तय हुआ था सौदा, एडवांस भी लिया*
पकड़ा गया आरोपी *प्रमोद कुमार निवासी आजमगढ़* है। वह फर्रुखाबाद के रहने वाले अभ्यर्थी *विमल कुमार* के स्थान पर TGT की परीक्षा देने आया था। पूछताछ में प्रमोद ने कबूल किया कि इस फर्जीवाड़े के लिए विमल से *डेढ़ लाख रुपये में सौदा* तय हुआ था। प्रमोद ने विमल से एडवांस रकम भी ले ली थी। बाकी के पैसे परीक्षा पास होने के बाद मिलने थे।
*थंब इंप्रेशन और फोटो से पकड़ा गया नटवरलाल*
मामला *शहर कोतवाली थाना क्षेत्र* के इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। परीक्षा शुरू होने के बाद स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कॉलेज प्रशासन की टीम अभ्यर्थियों का सत्यापन कर रही थी। इसी दौरान प्रमोद के हाव-भाव देखकर टीम को संदेह हुआ। जब उसके *आधार कार्ड, प्रवेश पत्र की तस्वीर और थंब इंप्रेशन* का मिलान किया गया तो बायोमेट्रिक डेटा मैच नहीं हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कुबूल किया कि वह असली अभ्यर्थी विमल की जगह परीक्षा दे रहा है।
*धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम में केस दर्ज*
इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज प्रशासन की तहरीर पर *शहर कोतवाली पुलिस* ने आरोपी प्रमोद के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब असली अभ्यर्थी विमल कुमार की तलाश में जुट गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे *कोई बड़ा सॉल्वर गैंग* तो काम नहीं कर रहा है।
*बायोमेट्रिक बना फर्जीवाड़े का काल*
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बायोमेट्रिक सिस्टम की वजह से ही यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। अगर थंब इंप्रेशन की जांच न होती तो आरोपी आराम से परीक्षा देकर चला जाता। अब पुलिस विमल को पकड़कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।