फर्जी IAS विप्रा शर्मा का ठगी गैंग बेनकाब’, नौकरी के नाम पर 8.35 लाख ठगे अमित-राघवेंद्र भी FIR में नामजद

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फर्जी IAS विप्रा शर्मा का ठगी गैंग बेनकाब’, नौकरी के नाम पर 8.35 लाख ठगे अमित-राघवेंद्र भी FIR में नामजद

रिपोर्ट/आसिफ अली

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*’खुद को ADM बताकर दिया फर्जी नियुक्ति पत्र’, सीबीगंज में डॉक्टर भी ठगी का शिकार- 22 केस दर्ज, घर से मिले थे 100 जोड़ी ब्रांडेड कपड़े*

*बरेली,नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को लूटने वाली फर्जी IAS विप्रा शर्मा पर एक और केस दर्ज हो गया है। इस बार 8.35 लाख की ठगी का आरोप है। मामले में अमित कुमार और उसके पिता राघवेंद्र भी लपेटे में आ गए हैं। आरोप है कि दोनों ने ही पीड़ित परिवार की मुलाकात विप्रा से कराई और पूरी डील कराई।

*स्लीपर रोड पर ADM बनकर की डील, फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया*

किला इंस्पेक्टर संतोष कुमार को रोठा निवासी इंद्रपाल सिंह ने तहरीर दी। बताया कि 3-4 साल पहले अमित और राघवेंद्र ने बेटे शुभम को लेखपाल बनाने का झांसा दिया। लाखों रुपये खर्च होने की बात कही। दोनों उन्हें सीबीगंज के स्लीपर रोड ले गए जहां विप्रा शर्मा ने खुद को ADM बताकर शासन स्तर से नियुक्ति कराने का दावा किया।

आरोपियों ने भरोसे में लेकर 7.25 लाख ले लिए। बाद में और रकम ली। कुल 8.35 लाख ठग लिए। कुछ दिन बाद शुभम के नाम UP शासन का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। नियुक्ति न होने पर सवाल उठे तो आचार संहिता और तबादलों का बहाना बनाकर टालते रहे। इंटरनेट पर चेक करने पर दस्तावेज फर्जी निकले।

*’खुद भी फंसा था’ बोला राघवेंद्र, डॉक्टर ने भी दर्ज कराई शिकायत*
सूत्रों के मुताबिक खुद को वकील बताने वाला राघवेंद्र कह रहा है कि वह भी फंस गया था। बेटे की नौकरी के लिए पैसे दिए थे। कुछ रकम वापस मिली, कुछ बाकी है।

इधर सीबीगंज थाने में एक डॉक्टर ने भी अमित, राघवेंद्र और विप्रा पर ठगी के आरोप लगाए। डॉक्टर का कहना है कि उसने पैसे सीधे अमित-राघवेंद्र को दिए थे। विप्रा को जानता तक नहीं था। बाद में पैसे वापस करने की बात कहकर मामला दबाने की कोशिश हुई। डॉक्टर ने प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चतुर्वेदी को शिकायत दी है।

*22 केस दर्ज, घर से मिले 200 जोड़ी ब्रांडेड कपड़े*फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाली विप्रा शर्मा और उसकी बहन पर अब तक 22 से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं। हाल ही में पुलिस ने घर की तलाशी में करीब 200 जोड़ी ब्रांडेड कपड़े, कई संदिग्ध दस्तावेज और सामान बरामद किया था। किला इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे ठगी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। जांच चल रही है कि रकम किसके जरिए ली गई और कौन-कौन शामिल है।