DM अविनाश सिंह का मास्टरस्ट्रोक’: 100 की रफ्तार वाले तूफान से तबाही, 24 घंटे में बरेली प्रशासन ने बांटा 16 लाख मुआवजा, बेघर 30 परिवारों को मिलेगी छत*

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DM अविनाश सिंह का मास्टरस्ट्रोक’: 100 की रफ्तार वाले तूफान से तबाही, 24 घंटे में बरेली प्रशासन ने बांटा 16 लाख मुआवजा, बेघर 30 परिवारों को मिलेगी छत*

रिपोर्ट/आसिफ अली

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*’बमियाना में टीनशेड संग उड़े नन्हे मियां’, DM अविनाश सिंह अस्पताल पहुंचे, बोले- ‘आपदा में बरेली मॉडल बनेगा यूपी की मिसाल’*

*बरेली, 14 मई 2026:* कुदरत के कहर से कराह रहे बरेली को DM अविनाश सिंह ने राहत का मरहम लगा दिया है। मंगलवार-बुधवार को 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आए चक्रवाती तूफान ने जिले में तबाही मचा दी। सैकड़ों पेड़, बिजली के पोल और यूनीपोल ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। 4 जिंदगियां खामोश हो गईं, 30 परिवार बेघर हो गए। लेकिन DM अविनाश सिंह के निर्देश पर बरेली प्रशासन ने 24 घंटे के अंदर वो कर दिखाया जो यूपी के लिए नजीर बन गया।

*DM अविनाश सिंह का एक्शन: 24 घंटे में खातों में पहुंचा 16 लाख*
आंवला तहसील में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। हैरामपुर की 12 साल की देवकी, बेहटा जूनो की 60 साल की लीपी, नंदगांव के 56 साल के घासीराम और नीति गांव की 76 साल की गोमती की मौत हो गई। CM योगी के निर्देश पर DM अविनाश सिंह ने तत्काल एक्शन लिया। चारों मृतकों के परिजनों के खाते में 4-4 लाख यानी कुल 16 लाख रुपये डिजिटल तरीके से ट्रांसफर कर दिए गए।

*’बेघर को घर, पशु हानि पर भी मदद’, DM अविनाश सिंह का बड़ा ऐलान*
DM अविनाश सिंह ने बताया कि तूफान में 30 परिवारों के आशियाने उजड़ गए। इन सभी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए जाएंगे। पशु हानि पर भी DM अविनाश सिंह ने दरियादिली दिखाई। अब तक 9 पशुओं की मौत पर 15,33,500 रुपये की मदद दी जा चुकी है।

*’टीनशेड संग उड़े नन्हे मियां’, हाल जानने पहुंचे DM अविनाश सिंह*
बमियाना गांव का मंजर सबसे दर्दनाक था। यहां नन्हे पुत्र वाहिद टीनशेड के साथ हवा में उड़कर दूर जा गिरे। गंभीर घायल नन्हे मियां देवचरा के अस्पताल में भर्ती हैं। DM अविनाश सिंह खुद अस्पताल पहुंचे और भरोसा दिलाया कि आपदा राहत कोष से पूरी मदद मिलेगी।

DM अविनाश सिंह ने कहा, “आपदा में सबसे जरूरी है तत्काल राहत। राजस्व टीमों ने रात-दिन एक कर सर्वे किया। DM अविनाश सिंह के आदेश पर एक-एक पीड़ित तक मदद पहुंचाई जा रही है। बरेली का ये मॉडल पूरे यूपी में मिसाल बनेगा।”