बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में आंधी-बारिश से गिरा कच्चे मकान का छप्पर, पति-पत्नी बाल-बाल बचे, 70 हजार का नुकसान
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बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में आंधी-बारिश से गिरा कच्चे मकान का छप्पर, पति-पत्नी बाल-बाल बचे, 70 हजार का नुकसान
रिपोर्ट/आसिफ अली
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*सोहरा गांव में रात 4 बजे हुआ हादसा, समाजसेवियों और लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर की मदद*
*बरेली, फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के सोहरा गांव में सोमवार तड़के तेज आंधी और बारिश के चलते एक कच्चे मकान की छत पर लगी खपरैल अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि खपरैल के नीचे सो रहे पति-पत्नी हादसे में बाल-बाल बच गए। अगर कुछ मिनट की देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
*रात 4 बजे गिरी खपरैल, घर का सामान दबा*
पीड़ित खातून बेगम पत्नी हामिद अली ने बताया कि वह और उनके पति कच्चे मकान की खपरैल के नीचे सो रहे थे। सुबह करीब 4 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। घर के अंदर रखा सामान भीगने से बचाने के लिए वह उसे दूसरी जगह रखने लगे। इसी दौरान खपरैल भरभराकर गिर पड़ी।
हादसे में खाने-पीने का सामान, गेहूं, चावल, कपड़े, खाट और अन्य जरूरी सामान मलबे में दब गया। खातून बेगम के अनुसार इस हादसे में उनका लगभग 60 से 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। दंपति के 6 बच्चे हैं और पति हामिद अली मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
*गांववालों और लेखपाल ने पहुंचाई मदद*
खपरैल गिरने की सूचना मिलते ही गांव के समाजसेवी इस्लाम हुसैन अंसारी, साकिर हुसैन अंसारी, वाजिद मास्टर, इस्माइल अंसारी, इमरान अंसारी और अफजाल अंसारी समेत कई लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने मलबे में दबा सामान बाहर निकलवाया और आर्थिक मदद भी की।
सूचना पर हल्का लेखपाल भी गांव पहुंचे और नुकसान का मौका मुआयना किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को राहत दिलाने की मांग की है।