बरेली में मौलाना तौसीफ की ट्रेन में मौत पर बवाल: जमात रजा-ए-मुस्तफा की कोर कमेटी जीआरपी पहुंची, FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग*
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बरेली में मौलाना तौसीफ की ट्रेन में मौत पर बवाल: जमात रजा-ए-मुस्तफा की कोर कमेटी जीआरपी पहुंची, FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग*
रिपोर्ट/आसिफ अली
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*’कानून-व्यवस्था और रेलवे सुरक्षा की विफलता’ – कोर कमेटी ने कहा, कोर्ट तक लड़ेंगे पीड़ित परिवार का केस*
*बरेली, बिहार के किशनगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा की ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ गया है। रविवार को जमात रजा-ए-मुस्तफा की कोर कमेटी जीआरपी बरेली पहुंची और मृतक की पत्नी के साथ मिलकर रिपोर्ट दर्ज कराई। संगठन ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
*उर्स-ए-ताजुश्शरिया से लौटते वक्त हुई घटना, पत्नी ने लगाए हत्या के आरोप*
मौलाना तौसीफ रजा उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने के बाद ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि ट्रेन में कुछ लोग उनके साथ मारपीट कर रहे हैं और घेर लिया गया है। कुछ देर बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। बाद में उनका शव बरेली कैंट स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे मिला।
मृतक की पत्नी ने बरेली पहुंचकर जीआरपी अधिकारियों से मुलाकात की और हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। एसपी सिटी के अनुसार, मृतक के मोबाइल से ही परिजनों और परिचितों को घटना की जानकारी मिली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
*जमात रजा-ए-मुस्तफा ने कहा- कोर्ट तक लड़ेंगे, मुआवजे की भी मांग*
जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान के निर्देश पर कोर कमेटी के सदस्य डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद और कौसर अली पीड़ित परिवार के साथ मौजूद रहे। कोर कमेटी ने बयान जारी कर कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और रेलवे सुरक्षा की गंभीर विफलता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे व्यक्ति के साथ ट्रेन में मारपीट, लूटपाट और संदिग्ध मौत निंदनीय है। हम इस मामले को हल्के में नहीं लेने देंगे। पीड़ित परिवार के साथ हर कानूनी, आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर खड़े हैं। दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, उच्च स्तरीय जांच और मुआवजा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मौके पर शाईब उद्दीन रज़वी, मौलाना तौसीफ रज़ा, मौलाना फरमान रज़ा, जुबैर नबी रज़वी और सय्यद इकरार अली रज़वी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।