निदा खान के नेतृत्व में बरेली में महिलाओं का जोरदार प्रदर्शन, 33% महिला आरक्षण को लेकर उठाई आवाज
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निदा खान के नेतृत्व में बरेली में महिलाओं का जोरदार प्रदर्शन, 33% महिला आरक्षण को लेकर उठाई आवाज
रिपोर्ट/आसिफ अली
बरेली में रविवार को निदा खान के नेतृत्व में महिलाओं ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार लेकिन शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपने अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व तथा बराबरी की हिस्सेदारी को लेकर आवाज बुलंद की।
पुतला दहन के दौरान निदा खान ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण का असली उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग की महिलाओं तक समान रूप से पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल वोट बैंक नहीं हैं, बल्कि आज की महिला नीति निर्माता, निर्णय लेने वाली और समाज को दिशा देने वाली शक्ति भी बन सकती है।
निदा खान ने अपने संबोधन में कहा कि “आरक्षण आम लोगों के लिए है, लेकिन जब सत्ता से जुड़े घरों की महिलाओं की बात आती है तो सीट रिजर्व से लेकर मंत्रालय तक आसानी से दे दिए जाते हैं। आम महिलाओं के अधिकारों को भी उसी गंभीरता से देखा जाना चाहिए।”
पुतला दहन के दौरान महिलाओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन भी किया। इस दौरान मौजूद महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह संघर्ष सिर्फ आज की महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी है।
निदा खान ने कहा कि भारत माता की सच्ची जय तभी होगी जब देश की माताएं और बहनें हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी और उन्हें समान अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के मुद्दों को राजनीति से ऊपर उठकर देखने की जरूरत है, ताकि समाज की हर महिला सशक्त बन सके।
बरेली में हुए इस प्रदर्शन ने महिला आरक्षण और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
