रोहिलखंड विश्वविद्यालय के छात्र बने एंटरप्रेन्योर, उगा रहे ऑयस्टर मशरूम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कर रहे बिक्री

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रोहिलखंड विश्वविद्यालय के छात्र बने एंटरप्रेन्योर, उगा रहे ऑयस्टर मशरूम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कर रहे बिक्री

रिपोर्ट/आसिफ अली

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प्रशिक्षण के बाद छात्रों ने शुरू किया व्यावसायिक उत्पादन, कम निवेश में हजारों की कमाई; ब्लिंकिट और स्थानीय बाजार में मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स
बरेली।

महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी के छात्र अब पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं। विश्वविद्यालय के पादप विज्ञान विभाग में आयोजित मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के बाद कई छात्रों ने ऑयस्टर मशरूम का व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है और इसे स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Blinkit पर बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।

पादप विज्ञान विभाग के मशरूम विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक Dr. Vijay Kumar Singhal ने बताया कि यह पहल विश्वविद्यालय के कुलपति Prof. K. P. Singh के मार्गदर्शन में शुरू की गई है।

प्लांट साइंस और एग्रीकल्चर विभाग द्वारा आयोजित मशरूम कल्टीवेशन प्रशिक्षण शिविर में छात्रों को मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई, जिसके बाद छात्रों ने इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाना शुरू कर दिया।

विश्वविद्यालय में बनाए गए एक्सपीरियंशियल लर्निंग ग्रुप के माध्यम से छात्र समूह बनाकर मशरूम उगा रहे हैं। बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र अभिषेक पटेल ने बताया कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर करीब 3000 रुपये का निवेश कर ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन शुरू किया। अब तक वे लगभग 7000 रुपये का मशरूम बेच चुके हैं।

इसी क्रम में छात्र गौरव गोले, केशव कुमार, मुख्तियार और मोहित ने भी मशरूम उत्पादन की शुरुआत की। इन छात्रों ने करीब 3500 रुपये का निवेश किया और अब तक लगभग 5000 रुपये का मशरूम बेच चुके हैं। उनका उत्पादन अभी जारी है और आने वाले दिनों में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहल से छात्रों में उद्यमिता और स्वरोजगार की भावना विकसित हो रही है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय को स्वरोजगार आधारित उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।