रामबरात 2026: होली पर दो दिन सड़कें रहेंगी सील, बिना रूट देखे निकले तो जाम में फंसेंगे
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रामबरात 2026: होली पर दो दिन सड़कें रहेंगी सील, बिना रूट देखे निकले तो जाम में फंसेंगे
रिपोर्ट /आसिफ अली
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बरेली। होली के मद्देनज़र शहर में निकलने वाली ऐतिहासिक रामबरात को लेकर प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक और सुरक्षा प्लान लागू किया है। दो दिनों तक कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन और आंशिक सीलिंग रहेगी। ऐसे में अगर आप बिना रूट प्लान देखे घर से निकले, तो लंबा जाम झेलना पड़ सकता है।
165 साल पुरानी परंपरा के तहत निकली रामबरात में इस बार भी हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। ब्रह्मपुरी स्थित नृसिंह मंदिर से विधि-विधान के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई।
लकड़ी के ऐतिहासिक रथ पर विराजमान भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों के दर्शन के लिए रास्ते भर भीड़ उमड़ी रही। पूरा शहर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
पूजा-अर्चना के बाद ऐतिहासिक रथ रवाना
सुबह करीब 10 बजे पूजा-पाठ के बाद जैसे ही रथ आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
रामलीला सभा कमेटी के प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि 165 वर्ष पुराना यह रथ वर्ष में केवल एक बार रामबरात के अवसर पर ही निकाला जाता है। परंपरा को आज भी उसी श्रद्धा और गरिमा के साथ निभाया जा रहा है।
इन मार्गों से गुजरी रामबरात शोभायात्रा नृसिंह मंदिर से निकलकर मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना घंटाघर, नावल्टी चौराहा, बरेली कॉलेज गेट, कालीबाड़ी, श्यामगंज, साहू गोपीनाथ, मठ की चौकी, शिवाजी मार्ग, बड़ा बाजार, किला चौराहा और सिटी सब्जी मंडी होते हुए पुनः मलूकपुर चौराहा से नृसिंह मंदिर पहुंचेगी।
इन मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
झांकियों ने मोहा मन, छतों से दिखा उत्साह
राम दरबार, हनुमान लीला और विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छतों और बालकनियों से लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
चंद्रग्रहण के कारण इस बार रामबरात होली से एक दिन पहले निकाली गई, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 15 स्थानों पर 17 पानी के टैंकर लगाए गए, जिससे पेयजल की कोई कमी न हो।
ड्रोन से निगरानी, भारी पुलिस बल तैनात
रामबरात की सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूर्व संध्या पर पैदल गश्त कर रूट का निरीक्षण किया। ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई।
शोभायात्रा के दौरान पांच सीओ, पांच थाना प्रभारी, सात इंस्पेक्टर, 108 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल और 16 महिला कांस्टेबल तैनात रहे। एक कंपनी पीएसी भी जुलूस के साथ मौजूद रही। सभी थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया।
50 से अधिक मस्जिद और इमामबाड़े तिरपाल से ढंके सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए जुलूस मार्ग पर पड़ने वाली 50 से अधिक मस्जिदों और इमामबाड़ों को तिरपाल से ढंका गया। पुलिस और नगर निगम की टीमों ने रविवार रात से ही यह कार्य शुरू कर दिया था, ताकि किसी प्रकार की रंग या अबीर से संबंधित असुविधा न हो।