पीएम मोदी की प्रस्तावित इजराइल यात्रा पर उठे सवाल, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने लिखा खुला पत्र

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पीएम मोदी की प्रस्तावित इजराइल यात्रा पर उठे सवाल, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने लिखा खुला पत्र

रिपोर्ट/आसिफ अली

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नई दिल्ली/बरेली। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनकी प्रस्तावित इजराइल यात्रा पर पुनर्विचार करने की अपील की है। पत्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, गाजा में जारी संघर्ष और मुस्लिम देशों के साथ भारत के संबंधों का हवाला देते हुए यात्रा को टालने की मांग की है।

गाजा संघर्ष और नेतन्याहू पर आरोपों का जिक्र
मौलाना रजवी ने अपने पत्र में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गाजा में सैन्य कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की मौत का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय अदालत में नेतन्याहू के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की चर्चाएं चल रही हैं और इजराइल की न्यायिक प्रणाली में भी वे विभिन्न मामलों का सामना कर रहे हैं।

मौलाना का कहना है कि ऐसे विवादित हालातों में किसी भी तरह की औपचारिक मुलाकात भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर सकती है।
ईरान-अमेरिका तनाव और मुस्लिम देशों से रिश्तों का हवाला पत्र में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात, विशेषकर ईरान-अमेरिका तनाव का भी उल्लेख किया गया है। मौलाना रजवी ने कहा कि भारत के सुन्नी और शिया मुसलमानों की भावनाएं ईरान के साथ जुड़ी रही हैं और भारत के ईरान सहित कई मुस्लिम देशों से ऐतिहासिक व कूटनीतिक संबंध रहे हैं।

उन्होंने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में खाड़ी और अरब देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत हुए हैं तथा भारत को कई इस्लामिक देशों से उच्च नागरिक सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। भारत परंपरागत रूप से फिलिस्तीन के समर्थन की नीति रखता आया है, ऐसे में इजराइल यात्रा को लेकर समुदाय के एक वर्ग में चिंता व्याप्त है।

संवैधानिक मर्यादा और छवि का मुद्दा
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अपने पत्र में संवैधानिक मर्यादा और नैतिक जिम्मेदारी का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि किसी ऐसे व्यक्ति के साथ औपचारिक मेल-मिलाप, जिन पर गंभीर आरोप लगे हों, राजनीतिक और नैतिक दृष्टि से सवाल खड़े कर सकता है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि देश का मुसलमान प्रधानमंत्री का सम्मान करता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित माने जा रहे नेता के साथ सार्वजनिक मुलाकात से भारत की छवि प्रभावित हो सकती है। पत्र के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री से मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित यात्रा पर गंभीरता से विचार करने या उसे स्थगित करने की अपील की है।