बरेली में ‘इच्छापूर्ति’ कंपनी पर 20 लाख की ठगी का आरोप, 8 नामजद पर FIR दर्ज

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बरेली में ‘इच्छापूर्ति’ कंपनी पर 20 लाख की ठगी का आरोप, 8 नामजद पर FIR दर्ज

रिपोर्ट/आसिफ अली

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सुपर फ्रेंचाइजी के नाम पर निवेशकों से करोड़ों की धोखाधड़ी, पुलिस ने शुरू की जांच
बरेली: व्यापारी से सुपर फ्रेंचाइजी के नाम पर 20 लाख की ठगी, कंपनी मालिकों पर केस
बरेली के आलमगिरीगंज निवासी व्यापारी पुलक गुप्ता ने ‘इच्छापूर्ति’ कंपनी और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का गंभीर मामला दर्ज कराया है।

पीड़ित का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें बड़े मुनाफे का झांसा देकर 20 लाख रुपये की रकम हड़प ली।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर BUDS Act 2019 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अखबार के विज्ञापन से शुरू हुआ संपर्क, लाखों की कमाई का लालच पुलक गुप्ता के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2021 में एक अखबार में कंपनी का विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर कंपनी के कर्मचारी विवेक ने दावा किया कि ‘फ्रंटलाइन ग्रुप’ एक बड़ा बिजनेस नेटवर्क है।

कंपनी ने उन्हें ‘सुपर फ्रेंचाइजी’ ऑफर करते हुए कहा कि बिना मेहनत के हर महीने 6 लाख रुपये कमीशन, स्टोर का किराया, बिजली बिल और सालाना 3 लाख रुपये की गारंटीड इनकम दी जाएगी।

वीडियो कॉल से भरोसा जीतकर दो किस्तों में ट्रांसफर कराए 20 लाख पीड़ित के मुताबिक, कंपनी के शीर्ष अधिकारियों संजय सिन्हा, सोनिया सिन्हा और आदित्य सिन्हा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कराई गई। भरोसा दिलाने के बाद उन्होंने सितंबर और अक्टूबर 2021 में ICICI बैंक के माध्यम से दो किस्तों में 10-10 लाख रुपये कंपनी के खाते में भेज दिए।

लेकिन रकम मिलते ही कंपनी का व्यवहार बदल गया। न तो समय पर सामान भेजा गया और न ही वादा किया गया कमीशन या किराया दिया गया।

FIR में 1998 के जेवीजी स्कैम से जुड़े नेटवर्क का दावा शिकायत में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि इस कथित ठगी नेटवर्क का संबंध 1998 के चर्चित जेवीजी स्कैम से जुड़े व्यक्ति विजय शर्मा से है।

आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद उसने साथियों के साथ मिलकर नई कंपनियों के नाम से निवेशकों को फंसाने का जाल बिछाया।

देशभर में हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी का आरोप पीड़ित का कहना है कि यह गिरोह देशभर में लगभग 4000 लोगों से सिक्योरिटी डिपॉजिट और मेंबरशिप के नाम पर 60 से 80 करोड़ रुपये तक की ठगी कर चुका है।

आरोप है कि कंपनी फर्जी इनवॉइस और वर्क ऑर्डर बनाकर निवेश की रकम का गबन करती रही।

इन 8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर जिन लोगों को नामजद किया है, उनमें शामिल हैं:
संजय सिन्हा (चेयरमैन)
पुष्पेश सिन्हा (डायरेक्टर)
सोनिया सिन्हा (वाइस चेयरमैन)
आदित्य सिन्हा (स्ट्रेटेजी हेड)
विजय कुमार शर्मा (मुख्य सलाहकार)
अमित बुद्धिराजा (CFO)
विशाल कमल (वाइस प्रेसिडेंट)
बैद्यनाथ गोस्वामी (MD, इच्छापूर्ति)
मामले की जांच उपनिरीक्षक विक्रांत तोमर को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और संपत्तियों की जांच कर रही है।