योगी ने मुसलमानों को कभी निशाना नहीं बनाया” मौलाना ने सीएम को बताया सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री
- Advertisement -
योगी ने मुसलमानों को कभी निशाना नहीं बनाया” मौलाना ने सीएम को बताया सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री
रिपोर्ट/आसिफ अली
- Advertisement -
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ का शासन मॉडल देश के अन्य राज्यों की तुलना में अलग और संतुलित नजर आता है।
एक समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान मौलाना ने कहा कि जहां कुछ राज्यों में सत्ता में आते ही मुस्लिम समाज से जुड़े शैक्षणिक और धार्मिक संस्थानों पर कठोर कार्रवाई की गई, वहीं उत्तर प्रदेश में ऐसा कोई माहौल नहीं बनाया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि योगी सरकार के दौरान न तो मदरसों को बंद किया गया और न ही किसी धार्मिक स्थल को निशाना बनाया गया। इससे मुस्लिम समाज में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है।
कानून व्यवस्था को बताया सबसे बड़ी उपलब्धि
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि प्रदेश की मजबूत कानून व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश बीते कई वर्षों से बड़े दंगों से मुक्त रहा है, जो अपने आप में एक बड़ी सफलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कहीं-कहीं जो घटनाएं हुईं, उनका फैसला न्यायालय के स्तर पर हुआ, न कि मुख्यमंत्री के आदेश से।
सरकार की नीतियां सभी के लिए समान
मौलाना ने कहा कि योगी सरकार ने कभी मुस्लिम समाज को टारगेट नहीं किया। सरकार की नीतियां सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू की गईं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में मुसलमान मुख्यमंत्री के कामकाज से संतुष्ट हैं।
उन्होंने जनता दरबार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मुस्लिम महिलाएं भी बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचती हैं। कई तस्वीरों और वीडियो में बुर्का पहनी महिलाएं और छोटे बच्चे मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करते नजर आते हैं।
योगी का विजन विकास पर आधारित
मौलाना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास केंद्रित है। वे प्रदेश के हर नागरिक के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं, चाहे वह किसी भी वर्ग या समुदाय से हो।
उन्होंने दावा किया कि अब तक ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि मुख्यमंत्री ने किसी मुस्लिम नागरिक के साथ भेदभाव किया हो।