बरेली बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस हब, उत्तर भारत के रेल नक्शे पर उभरा नया सुपर सेंटर

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बरेली बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस हब, उत्तर भारत के रेल नक्शे पर उभरा नया सुपर सेंटर

रिपोर्ट/आसिफ अली

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बरेली। रेल बजट 2026 ने बरेली के रेल इतिहास में एक निर्णायक मोड़ ला दिया है। अब बरेली केवल ट्रेनों का ठहराव स्थल नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर भारत में वंदे भारत और वंदे स्लीपर जैसी प्रीमियम ट्रेनों का मेंटेनेंस और ऑपरेशन बेस बनने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की बजट घोषणाओं के बाद बरेली जंक्शन से लेकर इज्जतनगर मंडल के स्टेशनों के कायाकल्प की तस्वीर साफ हो चुकी है।

रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस ऐलान ने यह संकेत दे दिया है कि उत्तर प्रदेश का रेल इंफ्रास्ट्रक्चर अब अंतरराष्ट्रीय मानकों की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

बरेली जंक्शन बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का ‘होम स्टेशन’ बरेली के यात्रियों के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब शहर प्रीमियम ट्रेनों का टर्मिनेटिंग और मेंटेनेंस पॉइंट बनेगा। रेल बजट में बरेली जंक्शन पर ₹9.74 करोड़ की लागत से 26 कोच वाली आधुनिक वाशिंग लाइन को मंजूरी दी गई है।

इस सुविधा के शुरू होने के बाद: वंदे भारत और वंदे स्लीपर ट्रेनों का रखरखाव बरेली में ही होगा
दक्षिण भारत, मुंबई और गुजरात के लिए नई सीधी ट्रेनों का रास्ता खुलेगा

बरेली अब केवल पासिंग स्टेशन नहीं, बल्कि ट्रेनें शुरू और समाप्त होने वाला जंक्शन बनेगा

नई वाशिंग लाइन से बदलेगा बरेली का रेल भविष्य नई वाशिंग लाइन बरेली के रेल विकास में गेम चेंजर साबित होगी।

अभी तक मेंटेनेंस सुविधाओं की कमी के कारण कई लंबी दूरी की ट्रेनें बरेली को नहीं मिल पाती थीं।

लेकिन अब 26 कोच की ट्रेनों के रखरखाव की सुविधा मिलने से जंक्शन की भूमिका पूरी तरह बदल जाएगी।

अमृत भारत स्टेशन योजना: इज्जतनगर मंडल को मिलेगा एयरपोर्ट जैसा लुक

इज्जतनगर मंडल के कई स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

इन स्टेशनों पर यात्रियों को आधुनिक लाउंज, लिफ्ट, एस्केलेटर और डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी।

बरेली सिटी स्टेशन ऐतिहासिक भवन का संरक्षण करते हुए आधुनिक वेटिंग हॉल, वीआईपी लाउंज और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

इज्जतनगर स्टेशन मंडल मुख्यालय होने के कारण यहां एग्जीक्यूटिव लाउंज, विशाल पार्किंग और सुगम ट्रैफिक मूवमेंट की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

लालकुआं स्टेशन उत्तराखंड के प्रवेश द्वार के रूप में लालकुआं स्टेशन पर टूरिस्ट इंफॉर्मेशन डेस्क और स्टेशन के ऊपर रूफ प्लाजा बनाया जाएगा।

कासगंज और फर्रुखाबाद: कनेक्टिविटी और व्यापार को बढ़ावा

कासगंज स्टेशन पर एस्केलेटर और दोनों ओर एंट्री-एग्जिट गेट बनाए जा रहे हैं.

फर्रुखाबाद स्टेशन को स्थानीय जरदोजी और कला थीम पर सजाया जा रहा है

चौड़े फुटओवर ब्रिज और आधुनिक लाइटिंग से स्टेशन का स्वरूप बदलेगा

पीलीभीत स्टेशन को मिलेगी ‘टाइगर रिजर्व’ पहचान

पीलीभीत स्टेशन को टाइगर रिजर्व थीम पर विकसित किया जा रहा है। यहां सेल्फी पॉइंट्स और पर्यटन आधारित डिज़ाइन यात्रियों को आकर्षित करेंगे।

इसके साथ ही ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत: बरेली के झुमके जरी-जरदोजी
बांस और फर्नीचर उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।

यार्ड रिमॉडलिंग और जाम से राहत की योजना
बरेली जंक्शन यार्ड रिमॉडलिंग के लिए ₹49 करोड़
ट्रेनों की आउटर पर रुकने की समस्या होगी खत्म
बरेली-बहेड़ी मार्ग पर ₹66 करोड़ का डबल लेन ओवरब्रिज, जिससे शहर को जाम से राहत मिलेगी

पर्यटन और पहाड़ी रूट पर सुरक्षा को प्राथमिकता
इज्जतनगर मंडल उत्तराखंड का प्रमुख रेल प्रवेश द्वार है।

टनकपुर और काठगोदाम रूट पर कवच (KAVACH) सुरक्षा प्रणाली

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मथुरा और वाराणसी रूट पर विशेष ‘आस्था’ ट्रेने

यूपी को हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात
रेल बजट 2026 में घोषित 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर में से आपको बता दे दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर से सफर 4 घंटे से कम वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मजबूती इसका सीधा लाभ बरेली के व्यापारियों और उद्योगों को मिलेगा।

फ्रेट टर्मिनल से बनेगा व्यापारिक हब
इज्जतनगर मंडल में: मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क नए फ्रेट टर्मिनल

ट्रेनों की औसत गति 100 किमी/घंटा से अधिक करने की योजना इससे बरेली के स्थानीय उद्योगों को देशभर के बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी।