बरेली कलेक्ट्रेट में हुआ ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का अभ्यास, आपात हालात से निपटने की परखी गई तैयारी
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बरेली कलेक्ट्रेट में हुआ ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का अभ्यास, आपात हालात से निपटने की परखी गई तैयारी
रिपोर्ट/आसिफ अली
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हवाई हमले जैसी स्थिति में नागरिक सुरक्षा के लिए सिविल डिफेंस का रिहर्सल, शाम 6:15 बजे हुआ ब्लैकआउट
बरेली।सिविल डिफेंस, बरेली की ओर से गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का रिहर्सल आयोजित किया गया।
यह अभ्यास शाम करीब 6:15 बजे शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य संभावित हवाई हमले या युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र और आम नागरिकों की तैयारियों का आकलन करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट से जुड़ी सभी जरूरी सावधानियों का पालन कराया गया।
निर्धारित समय पर कलेक्ट्रेट परिसर की बाहरी एवं आंतरिक सभी लाइटें बंद कराई गईं। इसके साथ ही आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों, चेम्बरों और रिहायशी इलाकों में भी प्रकाश प्रतिबंध के नियमों को सख्ती से लागू किया गया, ताकि किसी भी दिशा में रोशनी बाहर न दिखाई दे।
सिविल डिफेंस के वार्डनों ने पूरे क्षेत्र में गश्त कर यह सुनिश्चित किया कि ब्लैकआउट के नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है। नागरिकों को घरों के भीतर सुरक्षित रहने, बिजली की लाइटें, टॉर्च, मोबाइल फ्लैश, माचिस और धूम्रपान से दूर रहने के निर्देश दिए गए।
जहां से प्रकाश निकलने की आशंका थी, वहां खिड़कियों और दरवाजों को काले कागज या मोटे पर्दों से ढकने का अभ्यास भी कराया गया। लोगों से अपील की गई कि वे शांत रहें, सावधानी से चलें और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी से बचें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे ब्लैकआउट मॉक ड्रिल भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने आमजन से सिविल डिफेंस द्वारा किए जा रहे अभ्यासों में सहयोग करने और नागरिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को गंभीरता से लेने की अपील की।