अलविदा प्रोफेसर साहब: बेटे ने दी मुखाग्नि, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ नम आंखों में विदा

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अलविदा प्रोफेसर साहब: बेटे ने दी मुखाग्नि, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ नम आंखों में विदा

जनसेवा की मिसाल का अंत: गार्ड ऑफ ऑनर के बाद प्रो. श्याम बिहारी लाल को दी गई अंतिम विदाई

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बरेली।फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और जनसेवक प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी लाल अब हमारे बीच नहीं रहे।

शनिवार को स्टेशन रोड स्थित श्मशान भूमि पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

चिता को अग्नि देने से पहले पुलिस और प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उनके बेटे ने कांपते हाथों से पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

शक्ति नगर कॉलोनी स्थित उनके आवास से जैसे ही अंतिम यात्रा निकली, पूरा क्षेत्र “श्याम बिहारी लाल अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।

हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। फरीदपुर का बाजार स्वतः बंद रहा, जो किसी आदेश का नहीं बल्कि जनता के अथाह प्रेम और सम्मान का प्रतीक था।

बीमारी से जूझे, लेकिन सेवा से नहीं हटे
वर्ष 2007 में प्रो. श्याम बिहारी लाल की बाईपास सर्जरी हुई थी।

करीब तीन माह पूर्व दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी एंजियोप्लास्टी भी कराई गई, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार क्षेत्र के कार्यों में सक्रिय रहे। बीमारी कभी भी उनके कर्तव्य और जनसेवा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकी।

वे सिर्फ विधायक नहीं, बल्कि हर वर्ग के लिए अपने “प्रोफेसर साहब” थे—जो हर समस्या को ध्यान से सुनते और उसे अपनी जिम्मेदारी मानते थे।

मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दिवंगत विधायक के आवास पहुंचे। उन्होंने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री करीब 15 मिनट तक परिवार के साथ रहे और प्रो. श्याम बिहारी लाल के जनसेवा से जुड़े योगदान को याद किया।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनप्रतिनिधियों का सैलाब
अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, ब्रज क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्गविजय सिंह शाक्य, मेयर उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक संजीव अग्रवाल, एमपी आर्य, डीसी वर्मा, पूर्व मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व विधायक धर्मेंद्र कश्यप, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, लेकिन भावनाओं को कोई रोक नहीं सका।

बैठक के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुआ निधन शुक्रवार को सर्किट हाउस में एसआईआर को लेकर कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान अचानक प्रो. श्याम बिहारी लाल की तबीयत बिगड़ गई।

उन्हें तत्काल मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हृदयाघात से निधन की पुष्टि की। खबर फैलते ही पूरे फरीदपुर और बरेली में शोक की लहर दौड़ गई।

आखिरी पल तक क्षेत्र की चिंता बताया जाता है कि बैठक के दौरान भी वे अहिच्छत्र क्षेत्र के गुलड़िया गौरी शंकर मंदिर, पचौमी के मंदिर को पर्यटन से जोड़ने और नाथ कॉरिडोर को लेकर सुझाव दे रहे थे।

बरेली के लिए पर्यटन बुकलेट तैयार करने और प्राचीन शिव मंदिरों व ऐतिहासिक स्थलों को उसमें शामिल करने की बात भी उन्होंने रखी थी। किसे पता था कि यह उनकी आखिरी बैठक होगी।

आज फरीदपुर ने अपना मार्गदर्शक खो दिया है। प्रोफेसर साहब भले ही चले गए हों, लेकिन उनकी सादगी, संघर्ष और जनसेवा की विरासत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।

रिपोर्ट/आसिफ अली