बोले मौलाना शहाबुद्दीन कश्मीर के अनंतनाग राजौरी लोकसभा के प्रत्याशी के खिलाफ नहीं दिया कोई फतवा

Maulana Shahabuddin issued no fatwa against the Anantnag Rajouri Lok Sabha candidate in Kashmir.

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बरेली। कश्मीर राज्य में लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ी गहमा गहमी है, 25 मई को मतदान होगा। कश्मीर राज्य के अन्नत नाग राजोरी लोकसभा सीट पर फतवे को लेकर चर्चाएं बहुत गर्म है।

इसी सम्बन्ध में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने स्थति को स्पष्ट किया, और लगाए जा रहे आरोप प्रती आरोप विराम लगाया। मौलाना ने कहा कि अन्नत नाग राजोरी लोकसभा सीट के प्रत्याशी मियां अल्ताफ लारवी है जो फारूख अब्दुल्ला की अगवाई वाली पार्टी नैशनल कान्फ्रेंस के उम्मीदवार हैं

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, जम्मू-कश्मीर राज्य से बहुत लोगों ने प्रशन पूछा है कि क्या सुन्नी मरकज के दारूइफ्ता से मियां अल्ताफ के खिलाफ कोई फतवा जारी किया गया है ? उन सभी लोगों को स्पष्ट तौर पर ये बता दिया गया है कि सुन्नी मरकज से मियां अल्ताफ के खिलाफ कोई फतवा जारी नहीं किया गया है, सुन्नी मरकज की परम्परा रही है की यहां से सम्बन्धित दारूलइफ्ता सियासी मामलात में फतवा नहीं देते हैं, फतवा धार्मिक मामलात में दिया जाता है न कि राजनीतिक मामलात में। अगर कोई आलिमेदीन या धार्मिक रहनूमा किसी प्रत्याशी के समर्थन में या विरोध में कोई बयान देता है तो वो उसकी निजी राए समझी जानी चाहिए, निजी राए को कुछ लोग फतवा समझ लेते हैं।

मौलाना ने आगे कहा कि अन्नत नाग राजोरी प्रत्याशी के खिलाफ महबूबा मुफ्ती की पार्टी की तरफ से दुष्ट प्रचार किया जा रहा है, गुमराहकुन बातें की जा रही है, मियां अल्ताफ सुन्नी सूफी बरेलवी विचारधारा वाले व्यक्ति हैं, वो कश्मीर में सूफी इज्म को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े सूफी विचारक और पीर की हैसियत से जाने जाते हैं। उनके पिता मौलवी मियां बशीर अहमद आला हजरत के छोटे पुत्र मुफ्ती ए आजम हिंद से मुरिद थे, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के क्षेत्रों में आला हजरत के मिशन का प्रचार व प्रसार किया, उनका 2014 में इंतकाल हुआ, वोह रोहानी खानकाही परम्परा के व्यक्ति थे, उनके उत्तराधिकारी के तौर पर पूरे क्षेत्र में मियां अल्ताफ को जाना जाता है।
मौलाना ने आगे कहा कि पी डी पी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मियां अल्ताफ की पिरी मुरिदी और खानकाही व्यवस्था के खिलाफ बयानात(वकतव) दिए हैं, और साथ ही पट्टर पंथी विचारधारा के लोग उनके खिलाफ रहते हैं, इन्ही कट्टरपंथी विचारधारा के लोगों ने उनके खिलाफ गुमराहकुन बातें फैला रखी है, आवाम को चाहिए कि इन अफवाहों पर ध्यान न दें। मियां अल्ताफ के साथ सुन्नी सूफी उलमा की नेक ख्वाहिशात है।