हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान के बेटे ने साथियों संग युवक पर किया चाकू से हमला,

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हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान के बेटे ने साथियों संग युवक पर किया चाकू से हमला,

रिपोर्ट/आसिफ अली

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बरेली। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि मामूली विवाद अब सरेआम खून-खराबे में तब्दील हो रहे हैं।

बारादरी थाना क्षेत्र के एजाज नगर गौटिया में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर के बेटे द्वारा की गई चाकूबाजी की वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान के बेटे आफताब का स्थानीय युवक कासिम से किसी छोटी-सी बात को लेकर विवाद हो गया।

कहासुनी के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि आफताब ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि इसके बाद कासिम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए।

हमले में कासिम गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ हालत में सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

घटना को अंजाम देने के बाद आफताब और उसके साथी मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान और उसका परिवार लंबे समय से इलाके में दबदबा बनाए हुए है। डर के कारण लोग खुलकर शिकायत करने से भी कतराते हैं। उनका कहना है कि आफताब खुलेआम घूमता है और खुद को कानून से ऊपर समझता है।

गौरतलब है कि तौफीक प्रधान हाल ही में बारादरी थाना प्रभारी के साथ हुई तीखी नोकझोंक को लेकर भी सुर्खियों में रहा था। उस घटना के बाद भी पुलिस की कार्यप्रणाली और हिस्ट्रीशीटरों के बढ़ते हौसलों पर सवाल उठे थे।

अब बेटे द्वारा की गई इस सरेआम चाकूबाजी ने यह साबित कर दिया है कि आपराधिक प्रवृत्ति नई पीढ़ी तक पहुंच चुकी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में आए दिन धमकी, मारपीट और दबंगई की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रभाव के चलते आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।

घटना की जानकारी मिलते ही बारादरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

फिलहाल यह घटना एक बार फिर बरेली में अपराधियों के बढ़ते मनोबल और पुलिस प्रशासन के सामने खड़ी गंभीर चुनौती को उजागर करती है।

अब देखना यह है कि इस बार कानून सख्ती से अपना असर दिखाता है या दबंगई के आगे फिर कमजोर पड़ जाता है।