बरेली में 20 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, छत के कमरे में फंदे से लटका मिला शव
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बरेली में 20 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, छत के कमरे में फंदे से लटका मिला शव
किशोरी के लापता होने के मामले में पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था सुरजीत सिंह को, परिजनों ने प्रताड़ना के लगाए आरोप; पुलिस ने आरोपों को नकारा
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बरेली। भुता थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक सुरजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार में कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार देर रात उसका शव घर की छत पर बने कमरे में फंदे से लटका मिला। परिजनों का आरोप है कि एक किशोरी के लापता होने के मामले में पुलिस पूछताछ के बाद से सुरजीत मानसिक रूप से परेशान था। परिवार ने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने तीन दिन तक हिरासत में रखने और प्रताड़ना के आरोपों को गलत बताया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। फिलहाल युवक की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
किशोरी के लापता होने के मामले में हुई थी पूछताछ
मृतक सुरजीत सिंह के परिजनों के मुताबिक, क्षेत्र की एक किशोरी के लापता होने के मामले में पुलिस ने सुरजीत को पूछताछ के लिए बुलाया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उससे करीब तीन दिन तक पूछताछ की। इसके बाद बृहस्पतिवार रात लगभग आठ बजे उसे घर भेज दिया गया।
परिजनों का कहना है कि घर लौटने के कुछ घंटे बाद ही सुरजीत की मौत की सूचना मिली। इस घटना के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं। परिजनों ने युवक की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
रात करीब 11 बजे छत के कमरे में मिला शव
परिजनों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे सुरजीत का शव घर की छत पर बने कमरे में फंदे से लटका मिला। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाया। इसके बाद फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों ने पुलिस पूछताछ पर उठाए सवाल
सुरजीत की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस की पूछताछ की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि पूछताछ के दौरान युवक को प्रताड़ित किया गया, जिससे वह परेशान था। हालांकि, परिजनों के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर, पुलिस ने युवक को तीन दिन तक हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि युवक को किस परिस्थिति में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, उसे कब छोड़ा गया और घर लौटने के बाद क्या घटनाक्रम हुआ।
युवक की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की स्थिति साफ हो सकेगी।
सीओ ने बताई पूछताछ की वजह
सीओ फरीदपुर संदीप सिंह के मुताबिक, किशोरी के लापता होने के मामले की जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) में सुरजीत की आखिरी कॉल सामने आई थी। इसी आधार पर उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे छोड़ दिया गया था।
सीओ ने तीन दिन तक हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के आरोपों को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था सुरजीत
सुरजीत सिंह पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसके पिता मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। युवक की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फिलहाल पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है। इस घटना में परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस के बयान के बीच सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच अहम मानी जा रही है। युवक की मौत के कारणों को लेकर जांच के नतीजों का इंतजार है।