मोबाइल बरामदगी में बरेली पुलिस का प्रदेश में डंका, CEIR पोर्टल पर हासिल किया पहला स्थान
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मोबाइल बरामदगी में बरेली पुलिस का प्रदेश में डंका, CEIR पोर्टल पर हासिल किया पहला स्थान
7,508 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की ट्रेसिंग के अनुरोधों पर हुई कार्रवाई, 5,099 मोबाइल बरामद; लखनऊ में नोडल अधिकारी मनीष चन्द्र सोनकर को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित
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बरेली। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश कर उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाने के मामले में बरेली पुलिस ने उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। दूरसंचार विभाग के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल से जुड़े आंकड़ों के आधार पर जारी प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में बरेली पुलिस का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इस उपलब्धि पर बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में बरेली के नामित सीईआईआर नोडल अधिकारी मनीष चन्द्र सोनकर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस की इस सफलता को तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल और साइबर सेल की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।
7,508 अनुरोधों पर कार्रवाई, 5,099 मोबाइल फोन बरामद
पुलिस तकनीकी सेवाएं मुख्यालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी रैंकिंग के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक बरेली पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल पर प्राप्त गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन से संबंधित कुल 7,508 ट्रेसेबिलिटी अनुरोधों पर कार्रवाई की। इनमें से 5,099 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली। उपलब्ध आंकड़ों में बरेली पुलिस का स्कोर 77.54 दर्ज किया गया, जिसके आधार पर जनपद ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने के बाद पीड़ितों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपने निजी डेटा और अन्य जरूरी जानकारियों के दुरुपयोग की आशंका भी रहती है। ऐसे में मोबाइल फोन की पहचान, ट्रेसिंग और बरामदगी के लिए तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल पुलिस के काम को अधिक प्रभावी बनाता है।
लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में मिला सम्मान
दूरसंचार विभाग की ओर से लखनऊ के हजरतगंज स्थित सीटीओ कंपाउंड के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘एलईए कॉन्फ्रेंस ऑन सीईआईआर एंड संचार साथी’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में सीईआईआर पोर्टल और संचार साथी पहल से संबंधित कार्यों तथा उपलब्धियों पर चर्चा की गई। इसी दौरान प्रस्तुत आंकड़ों में मोबाइल फोन की ट्रेसिंग और बरामदगी के मामले में बरेली पुलिस का प्रदर्शन प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ बताया गया।
बरेली पुलिस की इस उपलब्धि के लिए जनपद के नामित सीईआईआर नोडल अधिकारी मनीष चन्द्र सोनकर को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सम्मान के माध्यम से मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए किए गए प्रयासों और तकनीकी व्यवस्था के प्रभावी उपयोग की सराहना की गई।
क्या है CEIR पोर्टल, कैसे करता है मदद?
सीईआईआर यानी सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर दूरसंचार विभाग की ऐसी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को उनके आईएमईआई नंबर के आधार पर ब्लॉक कराने और उनकी ट्रेसिंग में मदद मिलती है। इसका उद्देश्य चोरी हुए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाना और उन्हें खोजने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
वहीं, संचार साथी दूरसंचार विभाग की नागरिक-केंद्रित पहल है। इसके माध्यम से मोबाइल सुरक्षा और दूरसंचार सेवाओं से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन तकनीकी व्यवस्थाओं के जरिए नागरिकों को मोबाइल फोन के गुम होने या चोरी होने की स्थिति में सहायता मिल सकती है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने साइबर सेल की टीम को दी बधाई
बरेली पुलिस की इस उपलब्धि पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने जनपदीय साइबर सेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए आमजन की सहायता, सुरक्षा और गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए इसी तत्परता, निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते रहने के निर्देश दिए।
एसएसपी की ओर से टीम का उत्साहवर्धन पुलिसकर्मियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोबाइल फोन की बरामदगी से जुड़े मामलों में पुलिस की सक्रियता सीधे तौर पर पीड़ितों को राहत पहुंचाती है। साथ ही, तकनीकी संसाधनों के माध्यम से ऐसे मामलों पर कार्रवाई करने से आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है।
साइबर सेल के इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
मोबाइल फोन की ट्रेसिंग और बरामदगी के अभियान में जनपदीय साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में निरीक्षक हरेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक करन सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल सत्यवीर सिंह तथा कांस्टेबल मनोज कुमार, शिवम कुमार, दीपक कुमार और अमित कुमार शामिल हैं।
टीम ने सीईआईआर पोर्टल पर प्राप्त अनुरोधों के आधार पर मोबाइल फोन की ट्रेसिंग और बरामदगी की कार्रवाई में योगदान दिया। प्रदेश में पहला स्थान हासिल करना टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
कई थानों की टीमों ने भी किया बेहतर काम
जनपद में मोबाइल फोन की तलाश और बरामदगी के अभियान में कई थानों की पुलिस टीमों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, प्रेमनगर, इज्जतनगर, सुभाषनगर, भमोरा और कोतवाली थाना क्षेत्रों की टीमें इस कार्य में अग्रणी रहीं।
थाना पुलिस और साइबर सेल के समन्वय से मोबाइल फोन से जुड़े मामलों में कार्रवाई को गति मिलती है। ऐसे मामलों में तकनीकी जानकारी के साथ स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता भी महत्वपूर्ण होती है।
प्रदेश में पहला स्थान बरेली पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि
सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन की ट्रेसिंग और बरामदगी में प्रदेश में पहला स्थान हासिल करना बरेली पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 7,508 अनुरोधों पर कार्रवाई और 5,099 मोबाइल फोन की बरामदगी के आंकड़े इस अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाते हैं।
इस सफलता से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद मजबूत होती है, जिनके मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाते हैं। साथ ही, यह उपलब्धि पुलिस कार्यप्रणाली में तकनीक के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करती है। बरेली पुलिस की इस सफलता में साइबर सेल, संबंधित थाना पुलिस और तकनीकी व्यवस्था के समन्वित प्रयासों की अहम भूमिका रही।