बरेली में संजय सक्सेना हत्याकांड का खुलासा! दो सगे भाई गिरफ्तार, पुरानी रंजिश में लाठी-डंडों से पीटने का आरोप

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बरेली में संजय सक्सेना हत्याकांड का खुलासा! दो सगे भाई गिरफ्तार, पुरानी रंजिश में लाठी-डंडों से पीटने का आरोप

सुभाषनगर के शांति विहार में वारदात के बाद पुलिस की कार्रवाई, गंभीर चोटों के चलते संजय की गई थी जान; पूछताछ में सामने आई पुराने विवाद की बात

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बरेली। सुभाषनगर थाना क्षेत्र में संजय सक्सेना की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास श्रीवास्तव और आकाश श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर पुरानी रंजिश के चलते संजय सक्सेना और उनके साथी मोनू सैनी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने का आरोप है। हमले में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को 22 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मढ़ीनाथ क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। वहीं, वारदात में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

होली चौक के पास हुआ था हमला, अस्पताल में तोड़ा दम

पुलिस के मुताबिक, 22 अक्टूबर की रात सुभाषनगर थाना क्षेत्र के होली चौक, शांति विहार के पास संजय सक्सेना और उनके साथी मोनू सैनी पर लाठी-डंडों से हमला किया गया था। अचानक हुई मारपीट में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में हलचल मच गई। मृतक की बहन साक्षी ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके आधार पर सुभाषनगर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 733/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह!

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में संजय सक्सेना के साथ पहले हुए विवाद और पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी मारपीट को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद को घटना की वजह बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि संजय कुछ समय से नोएडा में ड्राइविंग का काम कर रहे थे। दशहरे के मेले के दौरान वह अपनी बहन के घर आए हुए थे। आरोपियों के कथित बयान के मुताबिक, 22 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे होली चौक, शांति विहार के पास संजय को रोककर उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई।

हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और घटना में उनकी भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

हत्या समेत कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

मृतक की बहन साक्षी पत्नी मनोज, निवासी प्रजापति कॉलोनी, थाना सुभाषनगर की तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 115(2), 352, 103(1) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें हत्या समेत अन्य आरोपों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

पुलिस अब घटना की परिस्थितियों, हमले में शामिल व्यक्तियों और आरोपों से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विकास श्रीवास्तव के खिलाफ पहले से भी दर्ज है मुकदमा

पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी विकास श्रीवास्तव के खिलाफ सुभाषनगर थाने में वर्ष 2025 का एक अन्य मुकदमा भी दर्ज है। वर्तमान हत्याकांड से संबंधित मुकदमा भी उसके रिकॉर्ड में शामिल है। आकाश श्रीवास्तव के खिलाफ भी इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस आरोपियों से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड और मामले के अन्य पहलुओं के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। फिलहाल दोनों की गिरफ्तारी को मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

थाना प्रभारी के नेतृत्व में हुई गिरफ्तारी

सुभाषनगर पुलिस ने थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार नैन के नेतृत्व में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवदीप कुमार, उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

पुलिस का कहना है कि संजय सक्सेना की मौत के मामले में विवेचना जारी है। घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जुटाए गए साक्ष्यों और विवेचना के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

फिलहाल इस मामले में दो सगे भाइयों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के मुताबिक, पुरानी रंजिश वारदात की वजह बताई जा रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।