बरेली में मुकदमे में समझौता न करने पर खूनी रंजिश! गोली लगने से घायल प्लाईवुड फैक्टरी कर्मचारी की मौत, दो आरोपी गिरफ्तार
- Advertisement -
बरेली में मुकदमे में समझौता न करने पर खूनी रंजिश! गोली लगने से घायल प्लाईवुड फैक्टरी कर्मचारी की मौत, दो आरोपी गिरफ्तार
मथुरापुर गांव में मंदिर के पास घात लगाकर किया गया था हमला, सिर में आंख के पास लगी थी गोली; चार दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद तोड़ा दम
- Advertisement -
पुराने छेड़खानी और मारपीट के मुकदमे को वापस लेने का बनाया जा रहा था दबाव, छह लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
बरेली। सीबीगंज थाना क्षेत्र के मथुरापुर गांव में पुराने मुकदमे में समझौता न करने की रंजिश ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। मुकदमा वापस लेने के दबाव के बीच गोली मारकर गंभीर रूप से घायल किए गए प्लाईवुड फैक्टरी कर्मचारी संतोष कुमार साहू (37) की चार दिन तक उपचार चलने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मंगलवार को दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को मथुरापुर मदरसे के पास से पकड़ा गया। मामले में छह लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
मंडप की दावत से लौटते समय घेरकर मारी थी गोली
मथुरापुर निवासी संतोष कुमार साहू परसाखेड़ा स्थित एक प्लाईवुड फैक्टरी में काम करते थे। 23 अक्टूबर की रात करीब दस बजे वह गांव में आयोजित मंडप की दावत से खाना खाकर घर लौट रहे थे। आरोप है कि दुर्गा माता मंदिर के पास पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग कर दी।
हमले के दौरान एक गोली संतोष के सिर में आंख के पास लगी, जबकि दूसरी गोली छूकर निकल गई। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। गंभीर रूप से घायल संतोष को उपचार के लिए बरेली के श्री राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि संतोष स्वस्थ होकर घर लौट आएंगे, लेकिन मंगलवार, 27 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पत्नी के मुकदमे में समझौता न करना बना रंजिश की वजह
परिजनों के मुताबिक, संतोष की पत्नी ने करीब एक साल पहले गांव के ललित कुमार के खिलाफ छेड़खानी और मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि इसके बाद से ही मुकदमे में समझौता करने और उसे वापस लेने के लिए परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था।
परिवार ने समझौता करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ गई। परिजनों का आरोप है कि इसी विवाद के चलते संतोष पर जानलेवा हमला किया गया। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
मुखबिर की सूचना पर दो नामजद आरोपी गिरफ्तार
संतोष की मौत के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी। मंगलवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सीबीगंज थाना पुलिस ने मथुरापुर मदरसे के पास दबिश दी। यहां से पुलिस ने विनोद (35) पुत्र ओमप्रकाश उर्फ ओमी और मदनलाल (69) पुत्र रामलाल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों मथुरापुर गांव के निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मदनलाल के खिलाफ वर्ष 2019 में भी सीबीगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की तलाश और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
जानलेवा हमले के मुकदमे में अब हत्या की धारा बढ़ाई
पुलिस ने संतोष पर हुए हमले के मामले में पहले जानलेवा हमले समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। उपचार के दौरान संतोष की मौत होने के बाद मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी विनोद सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक पवन कुमार शर्मा और कांस्टेबल सुधीर कुमार व रवि कुमार शामिल रहे।
पत्नी और दो बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
संतोष की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और दो बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। चार दिन तक अस्पताल में इलाज चलने के दौरान परिवार को उनके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन यह उम्मीद मंगलवार को टूट गई।
अब दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद परिवार को बाकी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का इंतजार है। पुलिस के सामने इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने की चुनौती है।