बरेली रेंज में अपराध नियंत्रण को लेकर डीआईजी अजय कुमार साहनी ने की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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बरेली रेंज में अपराध नियंत्रण को लेकर डीआईजी अजय कुमार साहनी ने की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

IGRS शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण से लेकर साइबर अपराध, गैंगस्टर और मादक पदार्थ तस्करी पर कार्रवाई की समीक्षा

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बरेली। बरेली परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी ने रेंज के चारों जनपदों के पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अपराध की स्थिति, लंबित विवेचनाओं, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई।

डीआईजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए।

IGRS शिकायतों के निस्तारण पर विशेष जोर

बैठक में आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई। डीआईजी ने लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर निगरानी और अफवाहों के खंडन के निर्देश

पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह के सामने आने पर उसका तथ्यात्मक और समयबद्ध खंडन सुनिश्चित करने को कहा गया।

60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं पर सख्ती

बैठक में CCTNS पर 60 और 90 दिनों से लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की गई। डीआईजी ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने तथा विवेचनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ई-साक्ष्य ऐप के अधिक से अधिक उपयोग पर भी जोर दिया। विवेचना के दौरान वीडियोग्राफी बयान, फोटो, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-साक्ष्य ऐप में जोड़ने के निर्देश दिए गए।

ई-समन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर

न्यायालयों से समन्वय स्थापित कर ई-समन जारी कराने तथा उनकी समयबद्ध तामीला सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाना है।

अपराधियों की पहचान में यक्ष ऐप के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश

बैठक में यक्ष ऐप पर डेटा फीडिंग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐप पर अपराधियों से संबंधित आवश्यक जानकारी नियमित रूप से और शत-प्रतिशत दर्ज कराई जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर अपराधियों की पहचान और निगरानी में इसका प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके।

मादक पदार्थ तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

एनडीपीएस एक्ट की धारा 68ई और 68एफ, PIT NDPS Act तथा ऑपरेशन दहन के तहत हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई। डीआईजी ने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।

सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए बढ़ेगा प्रवर्तन

Zero Fatality District अभियान की भी समीक्षा की गई। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने, लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा की समीक्षा

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चल रहे मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन के साथ महिला बीट प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए। महिला अपराधों की विवेचनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

साइबर अपराध पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर भी अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। साइबर हेल्प डेस्क के प्रभावी संचालन, साइबर अपराधों में फंसी धनराशि यानी Lean Amount की स्थिति तथा साइबर अपराध से जुड़े मामलों में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई।

डीआईजी ने निर्देश दिए कि साइबर अपराध की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो और पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत दिलाने के प्रयास किए जाएं। साइबर थानों के साथ-साथ सामान्य थानों में दर्ज साइबर अपराध से संबंधित मामलों की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती पर जोर

अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर नियमानुसार संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

गोकशी और गौ तस्करी के मामलों में सख्ती

गोकशी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और गौ तस्करी में शामिल आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत लंबित प्रकरणों में भी शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।

महिला उत्पीड़न और दहेज मामलों की जांच में तेजी

महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की विवेचना समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए। दहेज उत्पीड़न से संबंधित मामलों की विवेचना महिला थाना से कराने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

गंभीर अपराधों की कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा

बैठक में हत्या, लूट, स्नेचिंग, नकबजनी, वाहन चोरी, फिरौती, डकैती, दुष्कर्म, दहेज हत्या, पॉक्सो एक्ट, अपहरण, धर्मांतरण और साम्प्रदायिक संघर्ष जैसे गंभीर अपराधों में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।

इसके साथ ही निरोधात्मक कार्रवाई, एसआर केस, लंबित विवेचनाओं, पुरस्कार घोषित अपराधियों तथा वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी की स्थिति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई।

विभिन्न अधिनियमों के तहत कार्रवाई की समीक्षा

डीआईजी ने गुंडा अधिनियम, गौवध निवारण अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए और किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए।

कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश

समीक्षा बैठक के अंत में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेंज के सभी जनपदों में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण, अपराधियों पर सख्ती और पुलिसिंग में तकनीक के अधिकतम उपयोग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।