शाही थाना क्षेत्र के बीथम नौगवां गांव में सोमवार सुबह 57 साल पुराने शिव मंदिर से शिव परिवार की मूर्तियां उखाड़कर फेंके जाने की घटना से आक्रोश फैल गया

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शाही थाना क्षेत्र के बीथम नौगवां गांव में सोमवार सुबह 57 साल पुराने शिव मंदिर से शिव परिवार की मूर्तियां उखाड़कर फेंके जाने की घटना से आक्रोश फैल गया

रिपोर्ट /आसिफ अली

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बरेली /इसी बीच तीन दिन पहले गांव में हुई एक महिला की अंत्येष्टि के बाद उसकी अस्थियां श्मशान से गायब होने और कुछ ग्रामीणों के घरों के बाहर मिलने के दावे ने मामले को और गंभीर बना दिया। सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और जांच शुरू कर दी। ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर घटना के जल्द खुलासे और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

बीथम नौगवां गांव में करीब 57 साल पुराना शिव मंदिर है। यहां शिवलिंग के साथ भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित हैं। पुजारी लालाराम के मुताबिक सोमवार सुबह करीब पांच बजे वह रोज की तरह मंदिर की साफ-सफाई करने पहुंचे। अंदर का नजारा देखकर वह हैरान रह गए। शिव परिवार की तीनों मूर्तियां अपने स्थान पर नहीं थीं। आसपास तलाश करने पर मूर्तियां मंदिर परिसर के ही दूसरे हिस्से में पड़ी मिलीं। पुजारी ने तत्काल ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में जमा हो गए। वर्षों पुराने मंदिर में इस तरह मूर्तियां हटाए जाने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।

श्मशान से अस्थियां गायब, घरों के बाहर मिलने से बढ़ा तनाव
इसी दौरान गांव में तीन दिन पहले हुई एक महिला की अंत्येष्टि से जुड़ा मामला भी सामने आया। ग्रामीणों के मुताबिक मोर सिंह की मां शांति देवी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी और गांव के श्मशान स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था। सोमवार को मोर सिंह और परिवार के लोग अस्थियां लेने श्मशान पहुंचे तो वहां वे नहीं मिलीं। ग्रामीणों का दावा है कि बाद में नत्थू लाल और टेकचंद के घर के सामने अस्थियां पड़ी मिलीं। डोरीलाल के घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा में भी अस्थियां मिलने की बात कही गई है। मंदिर की मूर्तियां उखड़ने और अस्थियां अलग-अलग स्थानों पर मिलने की घटनाएं एक साथ सामने आने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया।

हल्का दरोगा पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों की सूचना पर पहले हल्का दरोगा गांव पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि दरोगा ने पुजारी को मामले को आगे नहीं बढ़ाने की हिदायत दी और वहां से लौट गए। आरोप यह भी है कि उन्होंने थानाध्यक्ष को अस्थियां मिलने की जानकारी नहीं दी। इसके बाद ग्रामीणों ने सीधे शाही थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह को फोन कर पूरे घटनाक्रम और हल्का दरोगा के कथित रवैये की जानकारी दी। इसके बाद थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ खुद गांव पहुंचे और मंदिर समेत संबंधित स्थानों की जानकारी लेकर ग्रामीणों से बातचीत की।

दोषियों को जल्द पकड़े पुलिस
ग्राम प्रशासक धर्मपाल, पुजारी लालाराम समेत भूपराम, दिनेश चंद्र, अमित कुमार, प्रवेश, लेखराज, नंदराम, शंकर लाल, पाती राम, जगदीश, भगवान दास, सुरेंद्र सिंह, रामकिशोर, जयेंद्र पाल, प्रेमपाल, ज्ञान सिंह और गुड्डू सहित ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त शिकायती पत्र पुलिस को सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मंदिर से मूर्तियां हटाने और श्मशान से अस्थियां गायब होने के पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर जल्द खुलासा किया जाए। घटना में जो भी व्यक्ति शामिल मिले, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

सावन में इसी मंदिर में जल चढ़ाते हैं कांवड़िये
ग्रामीणों के मुताबिक यह गांव का सबसे पुराना शिव मंदिर है और करीब 57 वर्षों से लोगों की आस्था का केंद्र है। सावन में कांवड़िये गंगाजल लेकर यहां पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में मंदिर में स्थापित शिव परिवार की मूर्तियां उखाड़े जाने की घटना को लेकर ग्रामीणों में खासा रोष है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मीरगंज सीओ अजय कुमार ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।